Edited By Kuldeep, Updated: 23 Sep, 2026 07:28 PM

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) परिसर में बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
शिमला (अभिषेक): हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) परिसर में बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान विद्यार्थी परिषद ने भर्ती संबंधित विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक-2026 के विरोध के साथ ही व्यावसायिक संस्थानों में छात्रों की समस्याओं और हाल में परिसर में हुई हिंसा का मुद्दा उठाया। विरोध स्वरूप उन्होंने परिसर में संशोधन विधेयक की प्रति को जलाकर विरोध जताया।
धरने को संबोधित करते हुए विद्यार्थी परिषद के विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष अक्षय ठाकुर ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक-2026 से विश्वविद्यालय की स्वायत्तता प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय की स्वायत्तता से किसी भी तरह की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं करेगी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि यूआईएलएस, यूआईटी, यूसीबीएस व आईटैप के विद्यार्थियों को पेश आ रही समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया।
अक्षय ठाकुर ने आरोप लगाया कि इन संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं, आधारभूत ढांचे और फैकल्टी की कमी है, साथ ही फीस में लगातार बढ़ौतरी किए जाने से छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। परिषद ने प्रशासन से इन समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान परिसर में हाल में हुई हिंसा का मामला भी उठाया गया। अक्षय ने आरोप लगाया कि एसएफआई कार्यकर्त्ता विश्वविद्यालय परिसर में हिंसक गतिविधियों को अंजाम देकर माहौल खराब कर रहे हैं। उन्होंने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की।
हपुटवा का विश्वविद्यालय बचाओ अभियान 22वें दिन भी रहा जारी
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की स्वायत्तता व सीएएस की बहाली की मांग को लेकर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिक्षक कल्याण संघ (हपुटवा) का विश्वविद्यालय बचाओ अभियान बुधवार को 22वें दिन भी जारी रहा। विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति कार्यालय के बाहर शिक्षकों ने धरना देकर विश्वविद्यालय की स्वायत्तता, लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली और अकादमिक हितों की रक्षा की मांग दोहराई।