Edited By Swati Sharma, Updated: 13 Aug, 2026 11:59 AM

Himachal Weather Update : हिमाचल में मानसून कहर बनकर बरस रहा है। राज्य सरकार के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, 30 जून से हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की बारिश और मौसम से जुड़ी आपदाओं में 75 लोगों की मौत हुई है, जबकि सरकारी और निजी संपत्ति को 911 करोड़ रुपये...
Himachal Weather Update : हिमाचल में मानसून कहर बनकर बरस रहा है। राज्य सरकार के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, 30 जून से हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की बारिश और मौसम से जुड़ी आपदाओं में 75 लोगों की मौत हुई है, जबकि सरकारी और निजी संपत्ति को 911 करोड़ रुपये से ज़्यादा का नुकसान हो गया है। वहीं, आपदा से जुड़ी मौतों के अलावा, मॉनसून के दौरान सड़क हादसों में 98 लोगों की मौत हुई है।
स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) और रेवेन्यू डिपार्टमेंट के डिजास्टर मैनेजमेंट सेल के अनुसार, कुल नुकसान 91,172.51 लाख रुपए यानी 911.72 करोड़ रुपये से ज़्यादा आंका गया है। इस दौरान आपदा से जुड़ी घटनाओं में 75 लोगों की मौत हुई है। चट्टानों और पेड़ों से गिरने के कारण सबसे ज़्यादा 26 मौतें हुईं, इसके बाद भूस्खलन (14), सांप के काटने (7), बिजली गिरने (6), डूबने (5) और अचानक बाढ़ (1) से मौतें हुईं। मौसम से जुड़ी अन्य घटनाओं में 16 और लोगों की मौत हुई। आपदा से जुड़ी सबसे ज़्यादा 14 मौतें लाहौल और स्पीति में दर्ज की गईं, इसके बाद कांगड़ा (12), शिमला (10), चंबा (9) और कुल्लू (9) का नंबर आता है। वहीं, आपदा से जुड़ी मौतों के अलावा, मॉनसून के दौरान सड़क हादसों में 98 लोगों की मौत हुई है, जिनमें चंबा और सिरमौर में सबसे ज़्यादा 16-16 मौतें दर्ज की गईं। कुल्लू में सड़क हादसों में 13 मौतें हुईं, जबकि शिमला में 11 मौतें दर्ज की गईं।
निजी संपत्ति को भी पहुंचा भारी नुकसान
आंकड़ों के मुताबिक, आपदा से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 208 लोग घायल हुए हैं, जबकि एक व्यक्ति अभी भी लापता है। मॉनसून ने बुनियादी ढांचे और निजी संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। PWD ने 68,636.43 लाख रुपए के नुकसान की जानकारी दी है, जबकि बिजली सेक्टर को अनुमानित 20,389.51 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। बारिश से 358 घरों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें 80 पक्के घर (29 पूरी तरह और 51 आंशिक रूप से) और 278 कच्चे घर शामिल हैं। कच्चे घरों में से 102 पूरी तरह और 176 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं, रिहायशी मकानों के अलावा, 14 दुकानें, 238 पशुओं के बाड़े और पांच झोपड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुई हैं, जबकि 208 मवेशियों की मौत हो गई है। इस बीच, मरम्मत का काम जारी रहने के बावजूद बुधवार शाम 5 बजे तक राज्य भर में 209 सड़कें बंद रहीं। राज्य के सभी नेशनल हाईवे खुले बताए गए। अधिकारियों ने बताया कि सड़क संपर्क और जरूरी सेवाओं को बहाल करने के लिए प्रभावित जिलों में इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमें, सड़क साफ करने वाली मशीनरी और मरम्मत करने वाली टीमें तैनात की गई हैं।
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