Edited By Kuldeep, Updated: 02 Aug, 2026 08:48 PM

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि चरणबद्ध तरीके से काम करने वाली प्रदेश सरकार के क्रियाकलाप और फैसले हैरानी ही नहीं, धूर्तता से भरे हुए हैं।
शिमला (ब्यूरो): पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि चरणबद्ध तरीके से काम करने वाली प्रदेश सरकार के क्रियाकलाप और फैसले हैरानी ही नहीं, धूर्तता से भरे हुए हैं। शिमला से जारी बयान में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुख के नाम पर शुल्क की सरकार चला रहे हैं। सत्ता में आने के बाद से वह सुविधाओं के दाम बढ़ाने को लेकर प्रयोग कर रहे हैं। पहले वह सुविधाओं के शुल्क में बेतहाशा वृद्धि करते हैं और विरोध के बाद फीस में थोड़ी-बहुत कमी कर देते हैं। हाल ही में सरकार ने विश्वविद्यालयों में फीस में लगभग दो गुना तक की बढ़ौतरी कर दी।
सरकार के इस कदम का भारी विरोध हुआ तो सरकार ने फीस में थोड़ी कमी कर दी। इसी तरह वह स्वास्थ्य सेवाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं और विभिन्न पात्रता परीक्षाओं में भी ऐसा कर चुके हैं। बसों के किराए और लगेज पॉलिसी, बिजली और सीमैंट के दाम बढ़ाने के मामले में भी सरकार ने इसी तरह का खेल खेला है। लेकिन मुख्यमंत्री को समझना चाहिए कि एक कल्याणकारी राज्य का काम जनता से टैक्स वसूलना ही नहीं, बल्कि उन्हें मूलभूत सुविधाएं देना भी होता है।
इसलिए वह बढ़ाई गई फीस पर अभी भी पुनर्विचार करें। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि पता चला है कि शिक्षा विभाग में अब तक किताबें नहीं मिली हैं, इसलिए अब बच्चे पीडीएफ से पढ़ाई कर रहे हैं। यह अंतरिम व्यवस्था शिक्षा विभाग ने की है। यह बात कितनी हैरानी भरी है कि सत्र शुरू हुए इतना समय बीतने के बाद भी बच्चों के पास किताबें नहीं हैं। इसी तरह सीबीएसई स्कूलों में अभी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाई है, क्योंकि अभी नियम और शर्तें तय नहीं हो पाई हैं।
बच्चे, अभिभावक और शिक्षक सभी असमंजस में हैं कि आगे क्या होने वाला है। सीबीएसई स्कूलों के विज्ञापन पर सरकार करोड़ों रुपए खर्च कर चुकी है। इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति कैसे करनी है, इसके बारे में सटीक और बेहतर योजना नहीं बनाई जा सकी है। शिक्षा मंत्री को आठ महीने से निर्मित भवन का उद्घाटन करने से आखिरी क्षणों में रोका जा रहा है, जबकि छात्र किराए के भवन में पढ़ रहे हैं।
केंद्र से मिलने वाले सहयोग पर सरकार ने साधी चुप्पी
जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार से आए दिन प्रदेश को आर्थिक सहयोग मिलता है, लेकिन सुक्खू सरकार इस मामले में पूरी तरह चुप्पी साध लेती है। कहीं भी केंद्र सरकार का नाम तक नहीं लिया जाता। आज ही प्रदेश को वित्तीय स्थिति मजबूत करने, पूंजीगत व्यय तथा विकास कार्यों को गति देने के लिए अतिरिक्त कर हस्तांतरण के रूप में 996 करोड़ रुपए दिए गए हैं, जो 10 अगस्त को जारी किए जाने वाले सामान्य मासिक हस्तांतरण के अतिरिक्त हैं। इसके अलावा एसडीआरएफ के तहत 193.5 करोड़ रुपए की सहायता भी आपदा से निपटने के इंतजाम के लिए मिली है।