Edited By Vijay, Updated: 11 Jun, 2026 02:53 PM

चम्बा जिले के जंगलों में आग लगने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 4 से 5 दिनों से जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों में आग भड़की हुई है। हालात इतने बेकाबू हो गए हैं कि अब यह आग रिहायशी इलाकों का रुख करने लगी है।
चम्बा (रणवीर): चम्बा जिले के जंगलों में आग लगने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 4 से 5 दिनों से जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों में आग भड़की हुई है। हालात इतने बेकाबू हो गए हैं कि अब यह आग रिहायशी इलाकों का रुख करने लगी है। ताजा मामला चम्बा शहर के साथ लगते चामुंडा मंदिर के समीप का है, जहां जंगल की आग लोगों के घरों तक पहुंच गई।
आग की लपटें घरों के करीब आते देख इलाके में भारी अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में स्थानीय लोगों ने तुरंत अग्निशमन (फायर) विभाग को इसकी सूचना दी और बिना समय गंवाए खुद भी आग बुझाने के प्रयासों में जुट गए। गनीमत यह रही कि फायर ब्रिगेड की टीम समय रहते मौके पर पहुंच गई। दमकल कर्मियों और स्थानीय लोगों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। लोगों का कहना है कि यदि दमकल कर्मियों के पहुंचने में कुछ मिनट की भी देरी होती, तो कई मकान जलकर राख हो सकते थे।
जंगलों में लग रही आग को बुझाने में वन विभाग को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच तो रही हैं, लेकिन आग का फैलाव इतना अधिक होता है कि उस पर तुरंत काबू पाना मुश्किल हो जाता है। जब तक कर्मचारी आग पर पूरी तरह से नियंत्रण पाते हैं, तब तक हजारों रुपये की वन संपदा जलकर खाक हो चुकी होती है। लगातार लग रही इस आग का सबसे बड़ा खमियाजा वन्यजीवों और प्रकृति को भुगतना पड़ रहा है।
इस आग की भेंट चढ़कर सैंकड़ों बेजुबान जीव-जंतु अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके साथ ही जंगलों में पाई जाने वाली बेशकीमती जड़ी-बूटियां भी जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। आग के कारण उठने वाले धुएं से इलाके का पूरा वातावरण भी दूषित हो रहा है। लगातार हो रहे इस भारी नुकसान को देखते हुए स्थानीय लोगों में गहरी चिंता है। लोगों ने राज्य सरकार और वन विभाग से पुरजोर मांग की है कि जंगलों में लग रही इस आग पर काबू पाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जल्द से जल्द कोई ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं।
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