Chamba: 24 घंटे में 2 बार थमा भरमौर हाईवे, मणिमहेश यात्रा पर संकट

Edited By Kuldeep, Updated: 12 Jul, 2026 05:20 PM

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पठानकोट-चम्बा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पिछले 24 घंटे में दूसरी बार यातायात बाधित होने से मणिमहेश यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

भरमौर (उत्तम): पठानकोट-चम्बा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पिछले 24 घंटे में दूसरी बार यातायात बाधित होने से मणिमहेश यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बता दें कि शनिवार को बत्ती हट्टी के पास पहाड़ी से चट्टान और मलबा गिरने के कारण हाईवे करीब 4 घंटे तक बंद रहा। वहीं रविवार सुबह त्रिलोचन महादेव के समीप दलदली हिस्से में एक ट्रक फंसने से फिर लंबा जाम लग गया। बाद में मशीन की मदद से ट्रक को निकालकर यातायात बहाल किया गया। लगातार हो रहीं घटनाओं से एनएचएआई की बरसात और यात्रा सीजन की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने यात्रा के दौरान पर्याप्त भारी मशीनरी और कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने की मांग की है।

लगातार सामने आ रहीं घटनाओं ने बरसात के मौसम में राष्ट्रीय राजमार्ग की तैयारियों और एनएचएआई के प्रबंधन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार को बत्ती हट्टी के समीप पहाड़ी से भारी चट्टान और मलबा सड़क पर आ गिरने से राष्ट्रीय राजमार्ग करीब 4 घंटे तक पूरी तरह बंद रहा। मलबा हटाने के लिए 3 छोटी जेसीबी मशीनें लगाई गईं, लेकिन बड़ी मशीन उपलब्ध न होने के कारण सड़क बहाल करने में अपेक्षा से अधिक समय लगा। कड़ी मशक्कत के बाद यातायात सुचारू हो सका।

रविवार सुबह करीब 8 बजे त्रिलोचन महादेव के समीप सड़क पर बने दलदली हिस्से में एक ट्रक फंस जाने से हाईवे एक बार फिर जाम हो गया। बाद में जे.सी.बी. की सहायता से ट्रक को बाहर निकालकर यातायात बहाल किया गया। इस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। इन दिनों मणिमहेश यात्रा अपने चरम पर है तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसी मार्ग से भरमौर पहुंच रहे हैं। ऐसे समय में सड़क पर बार-बार यातायात बाधित होने की घटनाओं से श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले करीब 2 माह से राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत अत्यंत खराब बनी हुई है। जगह-जगह सड़क धंसने, भूस्खलन और दलदल बनने जैसी समस्याओं के कारण कई सड़क हादसे भी हो चुके हैं। उनका कहना है कि खराब सड़क का सीधा असर भरमौर के पर्यटन और स्थानीय कारोबार पर भी पड़ रहा है। गौरतलब है कि एनएचएआई की ओर से बरसात और मणिमहेश यात्रा सीजन को देखते हुए प्रत्येक 5 किलोमीटर पर मशीनरी तैनात करने का दावा किया गया था, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सड़क बहाल की जा सके।

हालांकि लगातार सामने आ रहीं घटनाएं इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि एनएचएआई मणिमहेश यात्रा के दौरान पर्याप्त मशीनरी, कर्मचारियों और निगरानी व्यवस्था की प्रभावी तैनाती सुनिश्चित करे, ताकि यात्रियों की सुरक्षा के साथ निर्बाध यातायात बनाए रखा जा सके।

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