Edited By Vijay, Updated: 09 Jul, 2026 06:32 PM

राज्य सरकार ने खनन विभाग में प्रशासनिक पारदर्शिता लाने, कानूनी जटिलताओं से बचने और व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है।
शिमला: राज्य सरकार ने खनन विभाग में प्रशासनिक पारदर्शिता लाने, कानूनी जटिलताओं से बचने और व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। उद्योग विभाग ने माइनिंग इंस्पैक्टर, असिस्टैंट माइनिंग इंस्पैक्टर और माइनिंग गार्ड्स की ट्रांसफर और पोस्टिंग की प्रक्रिया को विनियमित करने के लिए नई अधिसूचना जारी की है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग) आरडी नजीम के आदेशानुसार जारी इस अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से पूरे राज्य में लागू कर दिया गया है।
अधिसूचना के अनुसार माइनिंग इंस्पैक्टरों, सहायक माइनिंग इंस्पैक्टरों और माइनिंग गार्डों के एक खनन कार्यालय से दूसरे कार्यालय या भू-वैज्ञानिक विंग में ट्रांसफर और पोस्टिंग के आदेश अब केवल निदेशालय स्तर से ही स्वीकृत रिक्त पदों के विरुद्ध जारी किए जा सकेंगे। ट्रांसफर पॉलिसी के तहत सामान्य कार्यकाल या स्टे की गणना कर्मचारी की मूल पोस्टिंग के वास्तविक स्थान से की जाएगी। फील्ड ड्यूटी के लिए किसी विशेष क्षेत्र या लोकेशन पर तैनात किए जाने को अलग कार्यकाल नहीं माना जाएगा।
अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने और परिचालन संबंधी आवश्यकताओं के लिए संबंधित माइनिंग ऑफिसर द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर कर्मचारियों की विभिन्न क्षेत्रों में की जाने वाली तैनाती को केवल आंतरिक फील्ड तैनाती माना जाएगा। इसे ट्रांसफर या पोस्टिंग नहीं माना जाएगा और न ही यह कार्यकाल निर्धारण में बाधा बनेगा।
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