राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले के बाद हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला, मंदिरों के लिए जारी की एडवाइजरी

Edited By Swati Sharma, Updated: 11 Jul, 2026 04:28 PM

himachal government strict after offering theft case

हिमाचल डेस्क : अयोध्या में राम मंदिर की दान राशि को लेकर उठे विवाद के बाद हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य द्वारा संचालित सभी मंदिरों में सुरक्षा, पारदर्शिता और प्रबंधन प्रणालियों को मजबूत करने के लिए एक व्यापक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी किया है।...

हिमाचल डेस्क : अयोध्या में राम मंदिर की दान राशि को लेकर उठे विवाद के बाद हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य द्वारा संचालित सभी मंदिरों में सुरक्षा, पारदर्शिता और प्रबंधन प्रणालियों को मजबूत करने के लिए एक व्यापक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी किया है।

जानें डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने क्या कहा?

डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री, जिनके पास राज्य में सरकारी मंदिरों की देखरेख के लिए भाषा, कला और संस्कृति विभाग का प्रभार भी है, ने कहा कि यह SOP एक एहतियाती उपाय के तौर पर तैयार किया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हिमाचल प्रदेश में ऐसी घटनाएं न हों। मीडिया से बात करते हुए अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार ने पहले ही सभी सरकारी नियंत्रण वाले मंदिरों के लिए एक विस्तृत रूपरेखा तैयार कर ली है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा, "आज हमने हिमाचल प्रदेश में सभी सरकारी मंदिरों के लिए एक व्यापक SOP जारी किया है। इसमें एक विस्तृत रोडमैप है, और पूरा दस्तावेज़ अध्ययन के लिए हमारे विभाग से प्राप्त किया जा सकता है। हमने सिस्टम को पूरी तरह सुरक्षित (फूलप्रूफ) बना दिया है। हालांकि चोरी कहीं और हुई थी, लेकिन हमने यहां सभी एहतियाती उपाय किए हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हिमाचल प्रदेश में ऐसी घटना न हो।"

डिप्टी सीएम ने कहा कि सरकार राज्य के सांस्कृतिक और धार्मिक संस्थानों के आधुनिकीकरण पर भी काम कर रही है, जिसमें विश्व स्तरीय डिजिटल संग्रहालय का विकास भी शामिल है। इन पहलों के साथ-साथ, जवाबदेही बढ़ाने के लिए मंदिर प्रशासन प्रणाली को भी मजबूत किया गया है। अग्निहोत्री ने जोर देकर कहा कि नए SOP का मुख्य उद्देश्य मंदिरों के प्रबंधन में, विशेष रूप से चढ़ावे, कीमती सामान और अन्य संपत्तियों के प्रबंधन में अधिक पारदर्शिता लाना है। उन्होंने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में हुई घटना के बाद सरकार ने सक्रिय कदम उठाए हैं और हिमाचल प्रदेश में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय लागू किए हैं।

बता दें कि SOP मंदिर अधिकारियों के लिए विस्तृत परिचालन दिशा निर्देश निर्धारित करता है और इसका उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था में सुधार करना, उचित रिकॉर्ड-कीपिंग सुनिश्चित करना और मंदिर दान के प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। यह कदम अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की खबरों के बाद धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच उठाया गया है। हिमाचल प्रदेश के भाषा, कला और संस्कृति विभाग का, जो राज्य भर के कई प्रमुख मंदिरों का प्रबंधन करता है, मानना ​​है कि इन नए उपायों से लोगों का भरोसा बढ़ेगा और मंदिर की संपत्ति का सुरक्षित और पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित होगा।

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