Edited By Vijay, Updated: 25 Jul, 2026 11:57 AM

हिमाचल प्रदेश में आम जनता को घर-द्वार पर बेहतर, सुलभ और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
धर्मशाला (ब्यूरो): हिमाचल प्रदेश में आम जनता को घर-द्वार पर बेहतर, सुलभ और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट का आबंटन कर दिया गया है। इस वर्ष स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, स्वास्थ्य योजनाओं की प्रभावी निगरानी और डॉक्टरों व कर्मचारियों के क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
कांगड़ा जिले को सर्वाधिक 274 करोड़ रुपए जारी
स्वास्थ्य सेवाओं के कायाकल्प के लिए जारी इस मुख्य बजट में प्रदेश के सबसे बड़े जिले कांगड़ा को सर्वाधिक हिस्सा मिला है। कांगड़ा जिले को सबसे अधिक 274.68 करोड़ रुपए का बजट आबंटित किया गया है, जबकि मंडी जिला 220.70 करोड़ रुपए के साथ दूसरे और शिमला 193.55 करोड़ रुपए के साथ तीसरे स्थान पर है। अन्य जिलों की बात करें तो चम्बा को 122.22 करोड़, सिरमौर को 114.25 करोड़, सोलन को 111.90 करोड़, हमीरपुर को 106.31 करोड़ और ऊना को 101.14 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसी तरह बिलासपुर को 93.77 करोड़, कुल्लू को 93.07 करोड़, किन्नौर को 37.33 करोड़ तथा जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति को 25.32 करोड़ रुपए का मुख्य बजट आबंटित किया गया है।
चिकित्सा कर्मियों के प्रशिक्षण के लिए भी बजट जारी
मुख्य बजट के अतिरिक्त प्रदेश भर में स्वास्थ्य कर्मियों को नई तकनीकों में निपुण करने के लिए प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) का बजट भी अलग से जारी किया गया है। क्षमता निर्माण के इस मद में शिमला जिले को सर्वाधिक 120.21 लाख रुपए मिले हैं। इसके अलावा कांगड़ा को 95.73 लाख, मंडी को 86.17 लाख, कुल्लू को 50.53 लाख, चम्बा को 50.39 लाख, सोलन को 49.89 लाख और हमीरपुर को 47.87 लाख रुपए जारी किए गए हैं। वहीं, ऊना जिले के लिए 45.85 लाख, सिरमौर के लिए 43.71 लाख, बिलासपुर के लिए 43.37 लाख, किन्नौर के लिए 27.77 लाख तथा लाहौल-स्पीति के लिए 20.83 लाख रुपए का प्रशिक्षण बजट स्वीकृत हुआ है।
इन कार्यों पर खर्च होगा बजट
बजट आबंटन के संदर्भ में कांगड़ा के जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश सूद ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिले के लिए मुख्य स्वास्थ्य सेवाओं और स्वास्थ्य कर्मियों के प्रशिक्षण का बजट स्वीकृत हो चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस धनराशि का उपयोग विशेष रूप से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने, डिजिटल सेवाओं का दायरा बढ़ाने तथा डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ को आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों का प्रशिक्षण देने के लिए किया जाएगा। इससे आम जनता को भविष्य में घर के समीप ही उच्च स्तरीय इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
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