Edited By Vijay, Updated: 17 Jul, 2026 07:38 PM

हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेशभर में अगले 6 दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 18 जुलाई को प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर भारी...
शिमला (राजेश): हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेशभर में अगले 6 दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 18 जुलाई को प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना के चलते यैलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 19, 20, 21 और 22 जुलाई को बारिश का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। इन चार दिनों में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 23 जुलाई को भी मौसम शांत नहीं होगा और अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश को लेकर फिर से यैलो अलर्ट रहेगा।
फ्लैश फ्लड, बादल फटने और भूस्खलन का खतरा, लोगों को सतर्क रहने की सलाह
आगामी दिनों में लगातार होने वाली इस भारी बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। विभाग ने नदी-नालों के उफान पर आने, फ्लैश फ्लड, बादल फटने और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की भारी आशंका जताई है। प्रशासन ने सभी लोगों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने, नदी-नालों से दूर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
नगरोटा सूरियां में सबसे ज्यादा बरसे मेघ
अगर पिछले 24 घंटों के मौसम की बात करें तो राज्य में केवल कुछ ही स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 28.8 मिलीमीटर बारिश कांगड़ा जिले के नगरोटा सूरियां में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा कांगड़ा में 10 मिलीमीटर, मंडी जिले के मुरारी देवी में 4.0 मिलीमीटर, कांगड़ा जिले के गूलेर में 2.8 मिलीमीटर, पालमपुर में 2.4 मिलीमीटर और धर्मशाला में 2.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
भूस्खलन से 50 सड़कें अभी भी बंद, कुल्लू में सबसे ज्यादा 28 मार्ग अवरुद्ध
बारिश का असर प्रदेश की सड़कों और यातायात पर पहले से ही पड़ रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार तक प्रदेश में भूस्खलन के कारण करीब 50 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद पड़ी हैं। इनमें सबसे ज्यादा बुरी स्थिति कुल्लू जिले की है, जहां अकेले 28 सड़कें अवरुद्ध हैं। मौसम विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगले सप्ताह की शुरुआत में जब बारिश तेज होगी, तो ऐसे संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन की समस्या और ज्यादा बढ़ सकती है, जिससे बंद सड़कों की संख्या में भी इजाफा होने की आशंका है।
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