Edited By Kuldeep, Updated: 26 Oct, 2026 11:09 PM

हिमाचल प्रदेश में दवाइयों के बार-बार सैंपल फेल होने के मामलों को लेकर प्रदेश सरकार सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है।
सोलन (अमित): हिमाचल प्रदेश में दवाइयों के बार-बार सैंपल फेल होने के मामलों को लेकर प्रदेश सरकार सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई करने के लिए आगामी कैबिनेट बैठक में मामला लाया जाएगा। यह बात हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने सोलन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दवाइयों के सैंपल का बार-बार फेल होना मानवता के साथ कुठाराघात है। उन्होंने कहा कि इंसान ही लालच में इंसान का दुश्मन बना हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और आगामी कैबिनेट बैठक में इसे रखकर ठोस कार्रवाई की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कुछ लोग चंद पैसों के मुनाफे के लिए लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। दवाइयों की गुणवत्ता के निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिसके चलते बार-बार सैंपल फेल होने के मामले सामने आ रहे हैं। यह स्थिति न केवल मरीजों के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है, बल्कि इससे हिमाचल प्रदेश की छवि पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जिन दवा उद्योगों के सैंपल बार-बार फेल हो रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के साथ ही ऐसे उद्योगों को प्रदेश से बाहर करने के लिए भी रास्ता तैयार किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश में बनने वाली दवाइयां गुणवत्ता के निर्धारित मानकों पर खरी उतरें और मरीजों को सुरक्षित एवं प्रभावी दवाइयां उपलब्ध हो सकें।
स्वास्थ्य मंत्री के इस बयान से स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार दवाइयों की गुणवत्ता से जुड़े मामलों में लापरवाही बरतने वाले उद्योगों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की तैयारी में है। ऐसे उद्योगों को प्रदेश से बाहर का रास्ता भी दिखाया जा सकता है।