शिमला से साथ चला...सोलन में बुला ली गैंग, फिर नेपाल लौट रहे युवक के साथ कर दी बड़ी वारदात

Edited By Vijay, Updated: 16 Oct, 2026 06:41 PM

crime in solan

हिमाचल प्रदेश के सोलन शहर से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां मेहनत-मजदूरी कर अपने घर (नेपाल) लौट रहे एक युवक को उसी के मूल के कुछ लोगों ने अपना निशाना बनाया।

सोलन (नरेश पाल): हिमाचल प्रदेश के सोलन शहर से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां मेहनत-मजदूरी कर अपने घर (नेपाल) लौट रहे एक युवक को उसी के मूल के कुछ लोगों ने अपना निशाना बनाया। आरोपियों ने धक्का-मुक्की और डरा-धमका कर पीड़ित युवक से 85 हजार रुपए की नकदी और 2 मोबाइल फोन छीन लिए। पीड़ित ने इस संबंध में सोलन शहरी पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज करवाई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

शिमला में मिला था आरोपी, दिया सीधे नेपाल जाने का झांसा
पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार पीड़ित युवक की पहचान तनू के रूप में हुई है। वह शिमला जिले के ननखड़ी क्षेत्र में मेहनत-मजदूरी करता था और वहां से कमाए हुए पैसे लेकर बुधवार को अपने देश नेपाल वापस लौट रहा था। शिमला में उसे एक व्यक्ति मिला, जिसने खुद को उसी के जिले (नेपाल) का निवासी बताया। आरोपी ने तनू को झांसा दिया कि सोलन से सीधे नेपाल के लिए उसकी गाड़ी जा रही है, इसलिए वह उसके साथ चले। तनू उस व्यक्ति को पहले से नहीं जानता था, लेकिन उसके झांसे में आकर वह उसके साथ सोलन आ गया।

मोहन पार्क के पास दिया वारदात को अंजाम
जानकारी के अनुसार, बुधवार रात करीब 8:30 बजे दोनों सोलन के चम्बाघाट पहुंचे। वहां से वे पैदल सोलन बाजार की ओर निकले। जब वे मोहन पार्क के पास पहुंचे, तो वहां पहले से मौजूद दो अन्य व्यक्ति उनके पास आए। इसके बाद वे तनू को पार्क के नीचे एक सुनसान जगह पर ले गए, जहां एक और व्यक्ति आ गया। चारों ने मिलकर तनू के साथ धक्का-मुक्की की और उसके 85 हजार रुपए और 2 मोबाइल फोन छीन लिए। सूत्रों के अनुसार वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मुख्य द्वार की बजाय नीचे रेलवे लाइन की ओर से भाग निकले।

स्थानीय व्यक्ति ने की पीड़ित की मदद
इस घटना के बाद पीड़ित तनू बेहद डरा और सहमा हुआ था। पूरी कमाई लुट जाने के बाद उसके पास खाने और सफर करने तक के पैसे नहीं बचे थे। शुक्रवार सुबह जब वह वापस शिमला की ओर जाने की कोशिश कर रहा था, तब उसने वहां मौजूद अन्य प्रवासी लोगों को अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। इस मुश्किल घड़ी में चम्बाघाट में मौजूद स्थानीय निवासी रघुविंद्र जॉनी मेहता ने इंसानियत का परिचय देते हुए पीड़ित युवक को कुछ आर्थिक मदद मुहैया करवाई।

संगठित गिरोह होने की आशंका, पुलिस जांच में जुटी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सोलन रमेश शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि यह एक सुनियोजित गिरोह का काम है, जो एक ही मूल के लोगों को अपना निशाना बना रहा है। पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही है।

त्यौहारी सीजन में घर लौट रहे मजदूर बन रहे निशाना
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में सेब सीजन समाप्त होने और दुर्गा पूजा के चलते बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अपनी कमाई लेकर अपने घरों की ओर लौटते हैं। आशंका जताई जा रही है कि एक विशेष गिरोह सक्रिय है, जो बस स्टैंड्स और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ऐसे मजदूरों की तलाश करता है। वे अपनापन दिखाकर उन्हें भरोसे में लेते हैं और फिर सुनसान जगह ले जाकर उनके पैसे और सामान छीन लेते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सफर के दौरान किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं।

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