Shimla: प्रदेश के विश्वविद्यालय में फीस बढ़ौतरी से छात्र व अभिभावक परेशान, निर्णय वापस ले सरकार : जयराम

Edited By Kuldeep, Updated: 03 Aug, 2026 09:14 PM

shimla university fee hike

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि सरकार ने डा. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी और चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय में फीस दोगुनी कर दी है।

शिमला (ब्यूरो): पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि सरकार ने डा. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी और चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय में फीस दोगुनी कर दी है। इस फीस बढ़ौतरी से छात्र व अभिभावक परेशान हैं तथा सरकार को अपना जनविरोधी निर्णय वापस लेना चाहिए। जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी बयान में कहा कि आए दिन छात्रों के प्रतिनिधिमंडल फीस वृद्धि से होने वाली परेशानियों के बारे में मिलने के अलावा पत्र लिख रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बहुत से ऐसे छात्र हैं, जो वास्तव में बढ़ी हुई फीस का इंतजाम करने में सक्षम नहीं हैं। छात्रों का कहना है कि जब उन्होंने विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए आवेदन किया था, उस समय विश्वविद्यालय द्वारा पुराना फीस स्ट्रक्चर ही बताया गया था। इसी आधार पर इच्छुक छात्रों ने आवेदन किया था। अब प्रवेश के समय अचानक फीस में लगभग दोगुनी वृद्धि करना सामान्य परिवारों के छात्रों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।

उन्होंने कहा कि स्थिति यह है कि विश्वविद्यालय की फीस कई निजी संस्थानों से भी अधिक हो गई है। इसके अलावा सरकार अब हिमाचल पथ परिवहन निगम (एच.आर.टी.सी.) की बसों में मिल रही छूट पर भी कैंची चलाने की तैयारी कर रही है। प्रदेश की बड़ी आबादी इसी परिवहन व्यवस्था पर निर्भर है। इससे छात्र, युवा, बुजुर्ग और बीमार लोगों को परेशानी आएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार विभिन्न श्रेणी के कार्ड पर मिलने वाली रियायत को लगभग समाप्त करने की तैयारी में है। इसमें सम्मान कार्ड पर बुजुर्गों को मिलने वाली 30 फीसदी छूट को भी आधा करने की योजना है। साथ ही ग्रीन कार्ड पर मिलने वाली 25 फीसदी छूट को घटाकर 5 फीसदी करने की तैयारी की जा रही है। मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं छीनी जा रही हैं और उन पर भी तरह-तरह के शुल्क लगाए जा रहे हैं।

बल्क ड्रग पार्क का श्रेय लेने की बजाय गंभीरता दिखाए
जयराम ठाकुर ने कहा कि बल्क ड्रग पार्क का श्रेय लेने की बजाय सरकार को वहां गंभीरता से काम करना चाहिए। यह परियोजना अपेक्षित गति नहीं पकड़ सकी है। केंद्र सरकार की तरफ से दी गई धनराशि भी सरकार खर्च नहीं कर पा रही है। यह प्रोजैक्ट केवल देश को दवा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने वाला नहीं है, बल्कि हिमाचल की तस्वीर बदलने वाला भी है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में हजारों करोड़ रुपए का निवेश आएगा और 20 हजार से अधिक युवाओं के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

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