Edited By Kuldeep, Updated: 17 Jul, 2026 01:02 PM

हिमाचल प्रदेश अस्पताल फार्मेसी अधिकारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारियों से शिष्टाचार भेंट कर फार्मेसी कैडर की लंबित मांगों पर विस्तृत व सकारात्मक चर्चा की।
शिमला (संतोष): हिमाचल प्रदेश अस्पताल फार्मेसी अधिकारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारियों से शिष्टाचार भेंट कर फार्मेसी कैडर की लंबित मांगों पर विस्तृत व सकारात्मक चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य सेवा एवं चिकित्सा शिक्षा निदेशक डा. गोपाल बेरी, एन.एच.एम. के मिशन निदेशक प्रदीप ठाकुर और उप मिशन निदेशक डा. राजेश गुलेरी के समक्ष अपनी मांगें रखीं। संघ ने चिंता जताई कि दवाओं की संख्या वर्ष 2011 में 73 से बढ़कर आज 1400 से अधिक हो चुकी है, लेकिन विभाग अभी भी 25 साल पुराने स्टाफिंग नियमों पर चल रहा है। वर्तमान में 182 से अधिक पद रिक्त हैं, जिनमें चम्बा में 41 और सिरमौर, कुल्लू व शिमला में 130 से ज्यादा पद शामिल हैं।
समयबद्ध पदोन्नति, नए पदों के सृजन तथा वर्ष 2003 से पूर्व के कर्मचारियों को नियुक्ति की मूल तिथि से ओपीएस के सभी वित्तीय व सेवा लाभ देने का आग्रह किया गया। कम्प्यूटर-इंटरनैट की सुविधा, रिपोर्टिंग के लिए एकीकृत सैंट्रल हब पोर्टल और एनएचएम में फार्मेसी अधिकारियों को प्रोत्साहन देने की मांग की गई। सभी अधिकारियों ने इन विषयों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। प्रदेशाध्यक्ष राजेश कुमार व अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में जारी व्यवस्था परिवर्तन के तहत कैडर के सुदृढ़ीकरण की पूरी उम्मीद जताई।