Edited By Vijay, Updated: 04 Oct, 2026 06:08 PM

हिमाचल प्रदेश के दुर्गम रुपिन पास क्षेत्र में भारी ओलावृष्टि और बर्फीले तूफान के बीच फंसे चरवाहों के लिए पुलिस और प्रशासन की टीम देवदूत बनकर सामने आई है।
शिमला (संतोष): हिमाचल प्रदेश के दुर्गम रुपिन पास क्षेत्र में भारी ओलावृष्टि और बर्फीले तूफान के बीच फंसे चरवाहों के लिए पुलिस और प्रशासन की टीम देवदूत बनकर सामने आई है। पुलिस व राजस्व विभाग के संयुक्त रैस्क्यू दल ने अत्यंत विषम परिस्थितियों में अदम्य साहस का परिचय देते हुए सभी चरवाहों और उनके करीब 1700 मवेशियों (भेड़-बकरियों) को सुरक्षित निकाल लिया है।
सांगला कांडा से डोडरा-क्वार लौट रहे थे चरवाहे
प्राप्त जानकारी के अनुसार ये चरवाहे किन्नौर जिले के सांगला कांडा से डोडरा-क्वार (शिमला) की ओर आ रहे थे। 27 सितम्बर को प्रशासन को सूचना मिली कि रुपिन पास के समीप अचानक मौसम खराब होने, भारी ओलावृष्टि और बर्फीले तूफान के कारण ये लोग अपने पशुधन के साथ बुरी तरह फंस गए हैं। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और राजस्व विभाग के साथ मिलकर एक संयुक्त रैस्क्यू टीम का गठन कर बचाव अभियान शुरू किया।
बर्फ में दबे मवेशियों को भी जिंदा निकाला
रैस्क्यू टीम ने 29 और 30 सितम्बर को इस चुनौतीपूर्ण अभियान को अंजाम दिया। अत्यंत दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बीच जवानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर सभी चरवाहों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इस दौरान जवानों की मानवीयता और तत्परता भी देखने को मिली, जब उन्होंने बर्फ में दब चुकी 2 बकरियों और 3 भेड़ों को कड़ी मशक्कत के बाद जिंदा बाहर निकाल लिया। इस सफल रैस्क्यू ऑप्रेशन के तहत कुल मिलाकर 1600 से 1700 भेड़-बकरियों को सुरक्षित बचा लिया गया है। पुलिस और प्रशासन के इस साहसिक कार्य की स्थानीय स्तर पर भारी प्रशंसा हो रही है।
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