Shimla: वीआईपी प्रोटोकॉल दरकिनार, जनता के बीच मुख्यमंत्री सुक्खू का दरबार

Edited By Kuldeep, Updated: 04 Oct, 2026 09:57 PM

shimla vip protocol sidelined

प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में विकास की वास्तविक तस्वीर केवल बड़े शहरों और प्रमुख कस्बों से नहीं, बल्कि उन दूरदराज गांवों से सामने आती है, जहां आज भी सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाएं लोगों के जीवन की गुणवत्ता तय करती हैं।

शिमला (ब्यूरो): प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में विकास की वास्तविक तस्वीर केवल बड़े शहरों और प्रमुख कस्बों से नहीं, बल्कि उन दूरदराज गांवों से सामने आती है, जहां आज भी सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाएं लोगों के जीवन की गुणवत्ता तय करती हैं। इसी सोच के साथ मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का बीते 1 से 3 अक्तूबर तक शिमला जिले के रोहड़ू और रामपुर विधानसभा क्षेत्रों का दौरा केवल एक सामान्य प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि सरकार और ग्रामीण समाज के बीच सीधे संवाद का एक महत्वपूर्ण अवसर बना।

प्रदेश सरकार के प्रवक्ता की तरफ से रविवार को ​शिमला से जारी बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री सुक्खू का रोहड़ू और रामपुर क्षेत्र से विशेष भावनात्मक जुड़ाव भी इस दौरे के दौरान दिखाई दिया। पहाड़ के दुर्गम क्षेत्रों की भौगोलिक चुनौतियों को समझते हुए उन्होंने ऐसे क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता देने पर बल दिया, जहां तक प्रशासनिक तंत्र और विकास योजनाओं की पहुंच कई बार कठिन होती है। इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने रोहड़ू के दूरदराज क्षेत्र भटवाड़ी और रामपुर के काशा-पाट में रात्रि प्रवास भी किया।

वह प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने इन दोनों क्षेत्रों में रात्रि प्रवास किया और ग्रामीणों की समस्याओं को समझकर अधिकारियों को मौके पर ही उनका त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र को 182.87 करोड़ रुपए की लागत की 61 विकास परियोजनाओं और रामपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों को 232.93 करोड़ रुपए की लागत की 28 विकास परियोजनाओं के उपहार दिए।

लोकतंत्र में विकास केवल योजनाओं और बजट से नहीं होता, विकास तब सार्थक बनता है, जब योजनाओं का निर्माण और क्रियान्वयन लोगों की वास्तविक जरूरतों से जुड़ा हो। रोहड़ू और रामपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री का लोगों से सीधे संवाद करना इसी दृष्टिकोण को सामने लाता है। प्रवक्ता के अनुसार मुख्यमंत्री ने रोहड़ू और रामपुर के दौरे के दौरान दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों में एंटी चिट्टा रैली में हिस्सा लिया और प्रदेश को चिट्टा मुक्त बनाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

रोहड़ू के भटवाड़ी में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं तथा विकास संबंधी आवश्यकताओं को सुना। दूरदराज क्षेत्रों में सरकार की पहुंच सुनिश्चित करने की इस पहल ने यह संदेश दिया कि विकास का लाभ केवल सुविधा-संपन्न क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पहाड़ के अंतिम छोर पर बसे गांवों तक भी समान रूप से पहुंचना चाहिए।

दूध-सेब खरीद में बढ़ौतरी की घोषणा
चिड़गांव में किसानों और पशुपालकों के खुशहाल भविष्य के लिए मुख्यमंत्री 1 दिसम्बर से दूध के समर्थन मूल्य में बढ़ौतरी करने और मंडी मध्यस्थता योजना (एम.आई.एस.) के तहत खरीदे जाने वाले सेब के खरीद मूल्य में भी एक रुपए प्रति किलोग्राम की बढ़ौतरी की घोषणा की।

बच्चों और विद्यार्थियों से संवाद
प्रवक्ता के अनुसार मुख्यमंत्री के दौरे का एक महत्वपूर्ण पक्ष बच्चों और विद्यार्थियों से उनका संवाद रहा। रामपुर में विद्यार्थियों के साथ आयोजित संवाद में बच्चों ने शिक्षा, शिक्षकों की उपलब्धता, गैर-शैक्षणिक कार्यों और अन्य विषयों से जुड़े सवाल और समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने उनकी बात सुनी और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रामपुर बुशहर में विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद करते हुए जब एक छात्रा ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रचौली के भवन निर्माण का आग्रह किया, तो मुख्यमंत्री ने उनकी मांग को त्वरित स्वीकार करते हुए विद्यालय भवन निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपए प्रदान करने की घोषणा की।

5,78,81,725 रुपए की वित्तीय सहायता
इसके साथ ही प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं के क्रम में नोगली में हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से प्रदेश के 1,471 पंजीकृत श्रमिकों एवं उनके आश्रितों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत कुल 5,78,81,725 रुपए की वित्तीय सहायता भी प्रदान की।

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