Shimla: कालेजों में वोकेशनल शिक्षा दे रहे 117 प्रशिक्षकों को 2 माह से वेतन नहीं

Edited By Kuldeep, Updated: 28 Sep, 2026 05:13 PM

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प्रदेश के कालेजों में विद्यार्थियों को वोकेशनल एजुकेशन उपलब्ध करवाने वाले प्रशिक्षकों और प्रोजैक्ट से जुड़े अन्य कर्मचारियों को पिछले 2 माह से वेतन नहीं मिला है।

शिमला (प्रीति): प्रदेश के कालेजों में विद्यार्थियों को वोकेशनल एजुकेशन उपलब्ध करवाने वाले प्रशिक्षकों और प्रोजैक्ट से जुड़े अन्य कर्मचारियों को पिछले 2 माह से वेतन नहीं मिला है। वेतन का भुगतान न होने से करीब 117 वोकेशनल प्रशिक्षक, 30 से 40 लैब अटैंडैंट और करीब 20 एमआईएस क्लर्क प्रभावित हैं। लगातार दूसरे माह वेतन न मिलने से कर्मचारियों में चिंता बढ़ गई है और उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार कालेजों में वोकेशनल एजुकेशन से जुड़ा यह प्रोजैक्ट पहले एडीपी के तहत संचालित होता था। वर्ष 2022 से पहले तक प्रोजैक्ट के लिए इसी व्यवस्था के तहत फंडिंग की जाती थी। अब यह प्रोजैक्ट प्रदेश सरकार के अधीन संचालित किया जा रहा है और इसके लिए सरकार की ओर से फंड उपलब्ध करवाया जा रहा है।

हालांकि, पिछले 2 माह से कर्मचारियों को वेतन जारी नहीं हुआ है। कर्मचारियों का कहना है कि वे नियमित रूप से कालेजों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और विद्यार्थियों को वोकेशनल प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसके बावजूद समय पर वेतन न मिलने से उनके सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो रही है। कर्मचारियों ने सरकार और संबंधित विभाग से लंबित वेतन जल्द जारी करने की मांग की है। गौर हो कि प्रदेश के 20 कालेजों में वी.वॉक. डिग्री कालेज संचालित किया जा रहा है। इस दौरान इन डिग्री कोर्स में लगभग 25 से 30,000 छात्र इनरोल हैं।

वित्त विभाग को भेजा गया मामला : शिक्षा मंत्री
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर का कहना है कि मामला ध्यान में है और बजट के लिए वित्त विभाग को भेजा गया है। विभाग से बजट की अप्रूवल आने के बाद उक्त कर्मचारियों को वेतन दे दिया जाएगा।

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