Edited By Kuldeep, Updated: 29 Sep, 2026 11:17 PM

सोलन के कारोबारी से 5 लाख रुपए रिश्वत मांगने के आरोप में मामला दर्ज होने के बाद कई दिनों तक सीबीआई की गिरफ्त से बाहर रहे आयकर अधिकारी मंगलवार को शिमला स्थित सीबीआई कार्यालय पहुंचा।
शिमला (ब्यूरो): सोलन के कारोबारी से 5 लाख रुपए रिश्वत मांगने के आरोप में मामला दर्ज होने के बाद कई दिनों तक सीबीआई की गिरफ्त से बाहर रहे आयकर अधिकारी मंगलवार को शिमला स्थित सीबीआई कार्यालय पहुंचा। कोर्ट के आदेश के बाद अधिकारी ने सीबीआई अधिकारियों के सामने पेश होकर मामले की जांच में शामिल होने की औपचारिकता पूरी की। अधिकारी इस मामले में अंतरिम जमानत ले चुका है। जानकारी अनुसार सीबीआई ने उनसे मामले से जुड़े आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों को लेकर पूछताछ की। सीबीआई ने अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने सोलन के अर्की क्षेत्र के कारोबारी लाभ चंद से करीब 17.94 लाख रुपए की आयकर देनदारी के मामले को निपटाने और रकम कम करवाने की एवज में 5 लाख रुपए रिश्वत मांगी। सीबीआई ने बीते 12 सितम्बर को मामला दर्ज किया था।
शिकायत के अनुसार कारोबारी को 7 अगस्त को आयकर विभाग की ओर से नोटिस मिला था। इसमें आकलन वर्ष 2017 के लिए 8,97,160 रुपए और वर्ष 2018 के लिए 6,010 रुपए की पैनल्टी का उल्लेख था। कारोबारी ने अपने कंसल्टैंट के1 माध्यम से आयकर पोर्टल पर इस पर आपत्ति दर्ज की। इसके बाद 8 सितम्बर को कंसल्टैंट संबंधित दस्तावेज लेकर आयकर अधिकारी से मिलने शिमला पहुंचा। आरोप है कि बातचीत के दौरान अधिकारी ने पैनल्टी के अतिरिक्त करीब 8,97,100 रुपए ब्याज की देनदारी बताई। इससे कुल रकम 17,94,260 रुपए हो गई। शिकायत के अनुसार इसी देनदारी को कम करवाने और मामला निपटाने के लिए 5 लाख रुपए की कथित रिश्वत मांगी गई। सीबीआई के अनुसार शुरूआती तौर पर 4 लाख रुपए की मांग की गई थी, जो बातचीत के बाद 5 लाख रुपए हुई। इसमें 3 लाख रुपए पहले और 2 लाख रुपए एक सप्ताह के भीतर देने की बात सामने आई।
कारोबारी ने रिश्वत देने की बजाय सीबीआई से शिकायत की। सीबीआई ने शिकायत और उपलब्ध सामग्री का सत्यापन करने के बाद मामला दर्ज किया। जांच एजैंसी अब कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग, आयकर विभाग से जुड़े दस्तावेजों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। एफआईआर दर्ज होने के बाद सीबीआई अधिकारी की तलाश में संभावित ठिकानों पर पहुंची थी। उस दौरान वह जांच एजैंसी के सामने पेश नहीं हुए थे। अब कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने और उसके आदेश के तहत सीबीआई के समक्ष पेश होने के बाद उनसे पूछताछ की गई है।