Edited By Vijay, Updated: 05 Sep, 2026 06:41 PM

कांगड़ा जिले के भवारना उपमंडल के तहत आते अटियाला दाई के युवा रितेश राणा (23) ने भारतीय सेना में लैफ्टिनैंट बनकर पूरे क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
भवारना: कांगड़ा जिले के भवारना उपमंडल के तहत आते अटियाला दाई के युवा रितेश राणा (23) ने भारतीय सेना में लैफ्टिनैंट बनकर पूरे क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन किया है। चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी में कड़े प्रशिक्षण के बाद आयोजित पासिंग आऊट परेड में रितेश ने सेना में बतौर अधिकारी कमीशन हासिल किया। अब वह भारतीय सेना की प्रतिष्ठित 16 मद्रास रैजीमैंट में अपनी सेवाएं देंगे।
पिता से मिली सेना में जाने की प्रेरणा
मूल रूप से टोरू (भा) काहनफट्ट के रहने वाले रितेश राणा ने बचपन से ही सेना की वर्दी पहनने का सपना संजोया था। उन्हें यह प्रेरणा अपने परिवार की सैन्य परंपरा से मिली। रितेश के पिता विक्रम सिंह भारतीय सेना की 6 जैक राइफल से सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। पिता को देश की सेवा करते देख ही रितेश ने सेना में अधिकारी बनने का लक्ष्य तय कर लिया था, जिसे आज उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से साकार कर दिखाया है। उनकी माता रजनी कुमारी एक कुशल गृहिणी हैं और उनकी बहन ममता राणा की शादी हो चुकी है।
पुणे से पूरी की विज्ञान में उच्च शिक्षा
रितेश ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मरूंह और ठाकुरद्वारा के निजी स्कूलों से पूरी की। इसके बाद उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए उन्होंने पुणे (महाराष्ट्र) का रुख किया, जहां से उन्होंने बीएससी और एमएससी की डिग्री हासिल की। विज्ञान में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने सेना में जाने के अपने मूल लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित किया और सफलता पाई।
परिवार और गुरुजनों को दिया सफलता का श्रेय
रितेश राणा के लैफ्टिनैंट बनने की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंची तो पूरे परिवार और इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। अपनी इस शानदार सफलता पर रितेश ने कहा कि यह उनके परिवार के सहयोग के बिना संभव नहीं था। उन्होंने अपनी कामयाबी का पूरा श्रेय अपने माता-पिता, बहन, अपने दादा स्वर्गीय अमीं चंद, दादी सरस्वती देवी और अपने गुरुजनों के मार्गदर्शन को दिया है।
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