Edited By Vijay, Updated: 27 Jun, 2026 06:11 PM

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा नशे के खिलाफ छेड़े गए एंटी-चिट्टा जन आंदोलन के सकारात्मक परिणाम धरातल पर दिखने लगे हैं। जिला चम्बा में नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस की मजबूत पैरवी के चलते एक तस्कर को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है।
चम्बा (गायत्री): हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा नशे के खिलाफ छेड़े गए एंटी-चिट्टा जन आंदोलन के सकारात्मक परिणाम धरातल पर दिखने लगे हैं। जिला चम्बा में नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस की मजबूत पैरवी के चलते एक तस्कर को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है। माननीय सत्र न्यायाधीश चम्बा की अदालत ने एनडीपीएस अधिनियम के एक मामले में सख्त फैसला सुनाते हुए एक आरोपी को 5 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 50,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। यदि दोषी जुर्माना राशि अदा नहीं करता है, तो उसे 3 महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
वर्ष 2020 का है मामला
मिली जानकारी के अनुसार यह मामला जिला चम्बा के पुलिस थाना किहार से जुड़ा है। वर्ष 2020 में किहार थाने में आरोपी बलवंत सिंह के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा-20 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने इस मामले में पुख्ता सबूत जुटाकर चालान कोर्ट में पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान चम्बा के माननीय सत्र न्यायाधीश ने आरोपी बलवंत सिंह को नशा तस्करी का दोषी पाया। न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषी को कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।
नशा तस्करों के लिए एसपी का कड़ा संदेश
चम्बा के एसपी विजय कुमार सकलानी ने कहा कि न्यायालय का यह निर्णय समाज में नशा घोलने वाले तस्करों के लिए एक कड़ा संदेश है। उन्होंने साफ किया कि कोई भी अपराधी कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता। एसपी ने दोहराया कि राज्य सरकार के एंटी-चिट्टा जन आंदोलन के तहत नशा तस्करी के विरुद्ध पुलिस का यह अभियान जारी रहेगा और हर दोषी को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
नशे के खिलाफ 112 पर करें कॉल, पहचान रहेगी पूरी तरह गुप्त
नशे के इस काले कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए एसपी चम्बा ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि यदि उनके आसपास नशा तस्करी या नशे के दुरुपयोग से जुड़ी कोई भी गतिविधि होती है, तो वे तुरंत टोल-फ्री नंबर ईआरएसएस-112 पर इसकी सूचना दें। पुलिस ने आम जनता को भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा और हर पुख्ता जानकारी पर पुलिस द्वारा तत्काल और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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