Edited By Vijay, Updated: 08 Jul, 2026 05:46 PM

जिला शिमला के नेरवा पुलिस थाना क्षेत्र में अफीम की अवैध खेती के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मामले की गहन तफ्तीश के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे...
शिमला (संतोष): जिला शिमला के नेरवा पुलिस थाना क्षेत्र में अफीम की अवैध खेती के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मामले की गहन तफ्तीश के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी की पहचान नेरवा जिला शिमला निवासी भादर सिंह पुत्र चाखरू राम के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा कोर्ट में पेश किए जाने के बाद, माननीय न्यायालय ने आरोपी भादर सिंह को 16 जुलाई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
22 मई को नष्ट की गई थी अफीम की खेती
गौरतलब है कि नेरवा पुलिस ने 22 मई को मादक पदार्थों की अवैध खेती के खिलाफ एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया था। तब पुलिस टीम ने एक गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए मौके पर ही अफीम के पौधों को नष्ट कर दिया था। उस समय पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा 18, 61 और 85 के तहत एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी। अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाने शुरू किए। इसी तफ्तीश के दौरान पुलिस को आरोपी भादर सिंह के खिलाफ पर्याप्त व पुख्ता सबूत मिले, जिसके आधार पर नेरवा पुलिस ने उसे धर दबोचा।
नशा सौदागरों के खिलाफ जारी रहेगी पुलिस की कार्रवाई
इस गिरफ्तारी के साथ ही शिमला पुलिस ने कड़ा संदेश दिया है कि जिले में नशे के काले कारोबार, मादक पदार्थों की अवैध खेती और तस्करी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस स्पष्ट कर चुकी है कि नशे के सौदागरों के खिलाफ उनका अभियान लगातार जारी है और भविष्य में भी ऐसे अवैध धंधों में शामिल लोगों पर कानून का सख्त डंडा चलता रहेगा।
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