Edited By Kuldeep, Updated: 24 Jun, 2026 09:57 PM

एचआरटीसी की प्रस्तावित हड़ताल समाप्त हो गई है। बुधवार को राज्य सचिवालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) आरडी नजीम की अध्यक्षता में करीब 3 घंटे चली बैठक के बाद चालक-परिचालक यूनियनों ने हड़ताल वापस लेने की घोषणा की।
शिमला (राजेश): एचआरटीसी की प्रस्तावित हड़ताल समाप्त हो गई है। बुधवार को राज्य सचिवालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) आरडी नजीम की अध्यक्षता में करीब 3 घंटे चली बैठक के बाद चालक-परिचालक यूनियनों ने हड़ताल वापस लेने की घोषणा की। वीरवार को सभी रूटों पर पहले की तरह बसें चलेंगी। बैठक में एचआरटीसी प्रबंधन और कर्मचारी संगठनों के बीच कई महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बनी। बैठक में निर्णय लिया गया कि चालक-परिचालकों का 12 माह का लंबित ओटीए, एनओए (ओवरटाइम भत्ता) शीघ्र जारी किया जाएगा।
इसके अलावा 7.10 करोड़ रुपए के लंबित मैडीकल प्रतिपूर्ति दावों का भुगतान गुरुवार को कर्मचारियों के खातों में किया जाएगा। यूनिफॉर्म भत्ते के लिए 1.50 करोड़ रुपए की राशि अगले 10 दिनों के भीतर जारी करने तथा एक माह के भीतर नई यूनिफॉर्म उपलब्ध करवाने पर भी सहमति बनी। वहीं कर्मचारियों के वेतन का नियमित भुगतान प्रत्येक माह की पहली तारीख को सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया। बैठक में चालक एवं परिचालकों की लंबित पदोन्नतियों को 10 जुलाई, 2026 तक पूरा करने पर भी सहमति बनी।
परिचालकों की सुविधा के लिए 150 किलोमीटर से अधिक दूरी वाले रूटों पर बसों में फ्रंट सीट की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया। बैठक के बाद संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) एवं चालक यूनियन के प्रधान मान सिंह ठाकुर ने बताया कि सरकार ने कर्मचारियों की सभी मांगें नहीं मानी हैं, लेकिन कई अहम मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय लिया गया है। इसके चलते 25 जून से प्रस्तावित चक्का जाम और हड़ताल का आह्वान वापस ले लिया गया है।
बैठक में एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक निपुण जिंदल, सीजेएम पंकज सिंघल, जीएम पवन शर्मा, डीएम देवासेन नेगी व सीईओ मंजीत कुमार सहित निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कर्मचारी पक्ष की ओर से जेसीसी अध्यक्ष मान सिंह ठाकुर, कंडक्टर यूनियन के अध्यक्ष प्रीत महेंद्र तथा विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
चालकों को विशेष भत्ते का मामला बीओडी में रखा जाएगा
कर्मचारियों की 4-9-14 एसीपी योजना में विकल्प संबंधी छूट के मुद्दे को वित्त विभाग के समक्ष उठाने पर सहमति बनी। इसके अलावा चालक-परिचालकों के लिए मैडीपर्सन एक्ट का मामला 15 दिनों के भीतर सरकार के समक्ष रखने, सेवा समिति (सर्विस कमेटी) की बैठक शीघ्र आयोजित करने तथा राइड विद प्राइड और अन्य हल्के वाहनों का संचालन करने वाले चालकों को विशेष भत्ते का मामला निदेशक मंडल बीओडी की अगली बैठक में रखने का निर्णय लिया गया।