"पर्यावरण संबंधी चिंताओं को केंद्र के सामने ज़ोरदार तरीके से उठाएगी सरकार", बोले CM सुक्खू, चिट्टा माफिया को दी कड़ी चेतावनी

Edited By Swati Sharma, Updated: 06 Jun, 2026 02:24 PM

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Shimla News : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार हिमाचल की पर्यावरण संबंधी चिंताओं और सही दावों को केंद्र के सामने ज़ोरदार तरीके से उठाएगी। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक सभा को संबोधित करते...

Shimla News : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार हिमाचल की पर्यावरण संबंधी चिंताओं और सही दावों को केंद्र के सामने ज़ोरदार तरीके से उठाएगी। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक सभा को संबोधित करते हुए सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश उत्तर भारत को साफ़ हवा और पानी देने में अहम भूमिका निभाता है और इसलिए इसे 'उत्तर भारत के फेफड़े' के नाम से जाना जाता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील करते हुए राज्य से चिट्टा माफिया को खत्म करने के अपनी सरकार के संकल्प को दोहराया।

'2030 तक वन क्षेत्र को 32 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य'

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य देश को हर साल लगभग 90,000 करोड़ रुपये की पर्यावरण सेवा प्रदान करता है लेकिन उसे केंद्र सरकार से सही मुआवज़ा नहीं मिलता। मुख्यमंत्री ने लोगों से पेड़ लगाने, पानी बचाने और प्लास्टिक का कम उपयोग करने जैसे पर्यावरण के लिए जिम्मेदार तरीके अपनाने की अपील की। वर्ष 2023 और 2025 में राज्य में आयी भयानक प्राकृतिक आपदाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बार-बार आने वाली आपदाओं ने पर्यावरण संरक्षण और जंगलों की सुरक्षा की तुरंत आवश्यकता दर्शाता है, जिसे उन्होंने हिमाचल प्रदेश की लाइफलाइन करार दिया। सुक्खू ने कहा कि सरकार ने 2030 तक वन क्षेत्र को 32 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। हरित कवर को बढ़ाने और पेड़ लगाने की कोशिशों में लोगों की हिस्सेदारी को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना, राजीव गांधी वन संवर्धन योजना और ग्रीन अडॉप्शन स्कीम जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

'राज्य सरकार हिमाचल के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध'

सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और राज्य की चिंताओं को केंद्र के सामने मजबूती से उठाएगी जिसमें आने वाली नीति आयोग की मीटिंग भी शामिल है। हरित पहलों पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सतत परिवहन को बढ़ावा देने की कोशिशों के तहत हिमाचल रोड ट्रांसपोटर् कॉर्पोरेशन के बेड़े में जल्द ही 297 नयी इलेक्ट्रिक बसें जोड़ी जाएंगी। उन्होंने दो बायोचार संयंत्र भी लगाने की भी घोषणा की जो सूखी चीड़ की पत्तियों और बायोमास का इस्तेमाल करके जंगल में आग लगने के खतरे को कम करेंगे और रोज़गार के अवसर भी उत्पन्न करेंगे।

'सरकार चिट्टा माफिया को पूरी तरह से खत्म कर देगी'

वहीं, नशीले पदार्थों के गलत इस्तेमाल के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टा और नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान युवाओं, महिलाओं एवं स्थानीय समुदायों को शामिल करते हुए एक जन आंदोलन बन गया है। उन्होंने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने पंचायत स्तर तक नशीले पदार्थ तस्करों और बेचने वालों की पहचान की है। नशीले पदार्थों के धंधे में शामिल लोगों को कड़ी चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार चिट्टा माफिया को पूरी तरह से खत्म कर देगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम को अच्छे से लागू करने से 174 नशीले पदार्थ तस्करों को हिरासत में लिया गया है और 51 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। अधिकारियों ने नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों से संबद्ध 76 अचल संपत्तियों की पहचान की है, जिनमें से 17 को ध्वस्त कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका कोई भी रसूख या रुतबा हो। नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों में शामिल पाए गए 123 सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है जिसमें 31 कर्मचारियों को नौकरी से निकालना भी शामिल है, जिनमें 21 पुलिस वाले भी शामिल हैं।


 

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