Himachal: सीएम सुक्खू का बागवानों को तोहफा, सेब खरीद बकाया भुगतान के लिए ₹45 करोड़ जारी

Edited By Vijay, Updated: 17 Jul, 2026 08:48 PM

45 crore released for pending payment of apple purchases

हिमाचल प्रदेश के सेब बागवानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को शिमला में बागवानी विभाग की एक अहम बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि बागवानों की लंबित देनदारियों को चुकाने के लिए...

शिमला (ब्यूरो): हिमाचल प्रदेश के सेब बागवानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को शिमला में बागवानी विभाग की एक अहम बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि बागवानों की लंबित देनदारियों को चुकाने के लिए राज्य सरकार ने 45 करोड़ रुपए की राशि जारी कर दी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत 30 बैग तक सेब बेचने वाले बागवानों (उत्पादकों) को उनका पूरा भुगतान पहले ही किया जा चुका है। वहीं, जिन उत्पादकों ने 100 बैग या उससे अधिक सेब बेचे हैं, उनके भुगतान की प्रक्रिया भी अब तेजी से शुरू कर दी गई है।

डीबीटी के जरिए सीधे बागवानों के बैंक खाते में जा रहा पैसा
मुख्यमंत्री ने बैठक में बताया कि राज्य सरकार ने एमआईएस (एमआईएस) के अंतर्गत पिछले वर्षों यानी 2022, 2023, 2024 और आगामी 2025 के लिए खरीदे गए सेबों के बकाया भुगतान को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से जारी कर दिया है। यह पैसा सीधे सेब उत्पादकों के बैंक खातों में भेजा जा रहा है, जिससे बागवानों को बिना किसी बिचौलिए के सीधे तौर पर उनके रुके हुए पैसों का लाभ मिल रहा है।

सेब खरीद में पारदर्शिता के लिए एचएमआईएस वैबसाइट और मोबाइल एप लॉन्च
वर्तमान सेब सीजन में एमआईएस के तहत सेब खरीद की तैयारियों की समीक्षा करते हुए, मुख्यमंत्री ने बागवानी मंडी मध्यस्थता योजना (एचएमआईएस) की नई वैबसाइट और मोबाइल एप का भी विधिवत शुभारंभ किया। यह नया डिजिटल प्लेटफॉर्म सेब की खरीद से लेकर उसके प्रसंस्करण (प्रोसैसिंग) तक की पूरी प्रक्रिया का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखेगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य इस नई डिजिटल प्रणाली के जरिए सेब खरीद में पूरी तरह से पारदर्शिता और कार्यकुशलता सुनिश्चित करना है।

आधार-बैंक खाते से होगा पंजीकरण, ऑनलाइन बुक कर सकेंगे टाइम स्लॉट
इस नई पारदर्शी व्यवस्था के तहत सेब उत्पादकों को पोर्टल पर अपना आधार नंबर, भूमि संबंधी विवरण और बैंक खाते की जानकारी देकर अपना पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) करवाना होगा। इसके साथ ही बागवानों को अपनी उपज बेचने के लिए ऑनलाइन टाइम स्लॉट बुक करने की विशेष सुविधा भी मिलेगी। इससे मंडियों में उनका इंतजार करने का समय (वेटिंग टाइम) काफी कम हो जाएगा और उन्हें भारी सुविधा मिलेगी।

कलैक्शन सैंटर्स पर पर्याप्त स्टाफ तैनात करने के निर्देश
आगामी सेब सीजन को सुचारू रूप से चलाने के लिए मुख्यमंत्री सुक्खू ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सेब खरीद सीजन के दौरान सभी संग्रहण केंद्रों पर बागवानों की सहायता के लिए पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती की जाए, ताकि उत्पादकों को अपनी फसल बेचने में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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