Edited By Swati Sharma, Updated: 26 Jul, 2026 04:25 PM

Shimla News : हिमाचल सरकार ने दिवंगत सरकारी कर्मचारियों के परिवारों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए निदेशालय भर्ती, हिमाचल प्रदेश के माध्यम से जुलाई 2026 के दौरान करुणामूलक रोजगार नीति के तहत विभिन्न विभागों में 94 ग्रुप-सी...
Shimla News : हिमाचल सरकार ने दिवंगत सरकारी कर्मचारियों के परिवारों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए निदेशालय भर्ती, हिमाचल प्रदेश के माध्यम से जुलाई 2026 के दौरान करुणामूलक रोजगार नीति के तहत विभिन्न विभागों में 94 ग्रुप-सी कर्मचारियों को नियुक्ति प्रदान की है। ये नियुक्तियां जल शक्ति, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, गृह और बागवानी विभागों में की गई हैं। सरकार ने सभी विभागों को यह भी निर्देश दिया है कि वे करुणामूलक नियुक्ति के वास्तविक मामलों को प्राथमिकता के आधार पर भेजें, ताकि पात्र आश्रितों को बिना किसी अनावश्यक विलंब के रोजगार उपलब्ध कराया जा सके।
नियुक्त कर्मचारियों ने CM सुक्खू का जताया आभार
इस नीति के तहत नियुक्त कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कई पात्र परिवार वर्षों से अपने मामलों पर विचार किए जाने का इंतजार कर रहे थे। ऊना जिले के कुथेरा खैरला के अक्षय कुमार ने बताया कि उनके पिता, जो सिंचाई और जन स्वास्थ्य विभाग में ऑपरेटर के तौर पर काम कर रहे थे, का 2018 में निधन हो गया था। उन्होंने उसी साल दया के आधार पर नौकरी के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनका मामला 2018 से 2022 तक लंबित रहा। उन्होंने कहा कि मौजूदा कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद उनके मामले पर कार्रवाई हुई। उन्हें फरवरी 2026 में सूचित किया गया कि उनके मामले का चयन हो गया है। उन्होंने इस साल मार्च में टाइपिंग टेस्ट दिया और जुलाई में नियुक्ति पत्र प्राप्त किया।
जानें शिमला की शालू चौहान ने क्या कहा?
वहीं, शिमला जिले के कोटखाई की शालू चौहान ने बताया कि उनके पिता, जो जल शक्ति विभाग में पंप ऑपरेटर के तौर पर काम कर रहे थे, का 2013 में निधन हो गया था। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान दया के आधार पर नौकरी के लिए उनके अनुरोध पर विचार नहीं किया गया था। हालांकि, मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली मौजूदा कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद उनके मामले पर तेजी से कार्रवाई की गई। उन्होंने मार्च 2026 में टाइपिंग टेस्ट दिया और जुलाई 2026 में उन्हें नियुक्ति पत्र मिला। उन्होंने मुख्यमंत्री का दिल से आभार व्यक्त किया। कांगड़ा जिले के बैजनाथ की रहने वाली आकांक्षा कपूर ने बताया कि उनके पिता, जो हाइड्रोलॉजी विभाग में सीनियर असिस्टेंट के तौर पर काम कर रहे थे, का 2019 में निधन हो गया था। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान अनुकंपा के आधार पर नौकरी के लिए उनकी अर्ज़ी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। हालांकि, मौजूदा राज्य सरकार ने उनके मामले पर प्राथमिकता से कार्रवाई की और जुलाई में उन्हें नौकरी मिल गई।
सरकार का कहना है कि विभिन्न विभागों द्वारा पूर्व में विभिन्न कारणों से अस्वीकृत किए गए करुणामूलक नियुक्ति के मामलों की भी समीक्षा की जाएगी। एकमुश्त विशेष पहल के तहत वास्तविक एवं पात्र अस्वीकृत मामलों की दोबारा जांच की जाएगी तथा नीति के प्रावधानों के अनुरूप, जहां आवश्यक होगा, वहां उपयुक्त छूट प्रदान करने पर विचार किया जाएगा, ताकि पात्र परिवारों को राहत मिल सके। राज्य सरकार करुणामूलक रोजगार के पात्र मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए प्रतिबद्ध है।
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