Edited By Kuldeep, Updated: 26 Jul, 2026 08:20 PM

विश्व प्रसिद्ध श्री माता चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आरंभ की गई 'सुगम पास' प्रणाली में सेंधमारी का बड़ा मामला सामने आया है।
चिंतपूर्णी (सुनील): विश्व प्रसिद्ध श्री माता चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आरंभ की गई 'सुगम पास' प्रणाली में सेंधमारी का बड़ा मामला सामने आया है। असामाजिक तत्वों ने क्यूआर कोड और ऑनलाइन भुगतान प्रणाली में हेर-फेर कर मंदिर न्यास को वित्तीय चूना लगाया है। मंदिर अधिकारी संजीव कुमार की शिकायत पर पुलिस थाना चिंतपूर्णी में अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी गई है।
मंदिर प्रशासन जब 19 जून, 2026 के कम्प्यूटर आंकड़ों की जांच कर रहा था, तब इस फर्जीवाड़े का पता चला। अभिलेखों में दिखा कि कई सुगम पास का भुगतान क्यू.आर. कोड से दर्शाया गया था किंतु जब प्रविष्टियों का मिलान किया गया तो अधिकारी हैरान रह गए। कई अलग-अलग पास जारी करने के लिए एक ही लेन-देन पहचान संख्या और एक ही दूरभाष संख्या अंकित थी।
डिजिटल भुगतान प्रणाली में एक ही लेन-देन पहचान संख्या से 2 अलग-अलग भुगतान कभी संभव नहीं होते। प्रत्येक लेन-देन की अपनी एक विशिष्ट पहचान संख्या होती है। प्रणाली में एक ही संख्या का बार-बार दर्ज होना स्पष्ट रूप से तकनीकी हेर-फेर अथवा योजनाबद्ध धोखाधड़ी की ओर संकेत करता है। प्रारंभिक जांच में मंदिर प्रशासन ने केवल 19 जून के अभिलेखों से ही लगभग 80 संदिग्ध लेन-देन पकड़े हैं।
आशंका व्यक्त की जा रही है कि यह खेल लंबे समय से चल रहा था, जहां श्रद्धालुओं से नकदी लेकर प्रणाली में फर्जी लेन-देन पहचान संख्या दर्ज करके पास जारी किए जा रहे थे। इससे मंदिर के कोष को भारी वित्तीय क्षति पहुंची है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच साइबर विशेषज्ञों को सौंपी है। कम्प्यूटर प्रणाली को संचालित करने वाले कर्मचारियों और जिस एजैंसी का यह सॉफ्टवेयर है, उनकी भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है। इसके साथ ही जिस दूरभाष संख्या और बैंक खाते का प्रयोग फर्जीवाड़े में हुआ है, उनकी भी पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।