Edited By Vijay, Updated: 15 Sep, 2026 08:08 PM

साइबर ठगों ने अब किसानों और पशुपालकों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना में सोशल मीडिया के माध्यम से दुधारू पशुओं के व्यापार का झांसा देकर एक पशुपालक से 49,000 रुपए की ठगी का मामला सामने आया है।
ऊना (सुरेन्द्र): साइबर ठगों ने अब किसानों और पशुपालकों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना में सोशल मीडिया के माध्यम से दुधारू पशुओं के व्यापार का झांसा देकर एक पशुपालक से 49,000 रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत के बाद साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के बैंक खातों को सीज कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ऊना जिले के अप्पर देहलां के रहने वाले पशुपालक केवल सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भैंसों की खरीद-फरोख्त से संबंधित एक आकर्षक वीडियो देखा था। वीडियो में उन्नत और आधुनिक नस्ल की भैंसें बेचने का दावा किया गया था। इस विज्ञापन पर विश्वास करते हुए केवल सिंह ने राजस्थान के रहने वाले एक कथित पशु व्यापारी से संपर्क किया। बातचीत के बाद दोनों के बीच एक भैंस का सौदा 70,000 रुपए में तय हुआ। सौदे की शर्तों के अनुसार पशुपालक केवल सिंह ने विदेश में रह रहे अपने बेटे के बैंक खाते के माध्यम से 49,000 रुपए की राशि ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी।
पैसे ट्रांसफर होने के बाद जब पीड़ित ने भैंस की डिलीवरी को लेकर संपर्क करना चाहा तो कथित व्यापारी ने कोई जवाब नहीं दिया और संपर्क तोड़ दिया। अपने साथ हुई इस ऑनलाइन धोखाधड़ी का अहसास होने पर पीड़ित किसान ने तुरंत मुख्यमंत्री हैल्पलाइन और पुलिस के साइबर सेल में अपनी शिकायत दर्ज करवाई। मामले की शिकायत मिलते ही ऊना साइबर सेल ने तकनीकी जांच शुरू की और ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों को तुरंत प्रभाव से सीज कर दिया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऊना सुरेंद्र शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस द्वारा इस प्रकरण में आगामी कानूनी कार्रवाई गहनता से अमल में लाई जा रही है। पुलिस ने आम जनता और किसानों से भी अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर पशुओं या अन्य सामान की खरीद-फरोख्त के विज्ञापनों पर आंख मूंदकर विश्वास न करें और बिना भौतिक सत्यापन के ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने से बचें।
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