तकनीक से सशक्त हो रहा ऊना का किसान, 43 हजार से अधिक किसान डिजिटल रजिस्ट्री में दर्ज

Edited By Swati Sharma, Updated: 24 Sep, 2026 05:03 PM

farmers in una are being empowered by technology

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश में कृषि क्षेत्र को तकनीक से सशक्त बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है। इसी कड़ी में एग्रीस्टैक परियोजना के तहत जिला ऊना के 43,822 किसान डिजिटल फार्मर रजिस्ट्री से जुड़ चुके हैं।

Una News : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश में कृषि क्षेत्र को तकनीक से सशक्त बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है। इसी कड़ी में एग्रीस्टैक परियोजना के तहत जिला ऊना के 43,822 किसान डिजिटल फार्मर रजिस्ट्री से जुड़ चुके हैं। डिजिटल रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों को एकीकृत डिजिटल पहचान मिल रही है, जिससे सरकारी योजनाओं और कृषि सेवाओं का लाभ अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी।

एक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी किसान से जुड़ी जानकारी

उप निदेशक कृषि ऊना प्रेम सिंह ने बताया कि एग्रीस्टैक के तहत किसान की पहचान, भूमि रिकॉर्ड, फसल विवरण और विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। प्रत्येक पंजीकृत किसान को आधार आधारित 11 अंकों की विशिष्ट यूनीक फार्मर आईडी प्रदान की जाएगी, जो भविष्य में विभिन्न कृषि सेवाओं, दस्तावेजों के सत्यापन और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में उपयोगी होगी।

योजनाओं का लाभ लेना होगा आसान

उन्होंने बताया कि डिजिटल फार्मर रजिस्ट्री से किसानों को विभिन्न योजनाओं के लिए बार-बार दस्तावेज जमा कराने की आवश्यकता कम होगी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीद जैसी सुविधाओं तक पहुंच अधिक सरल और पारदर्शी बनाने में यह व्यवस्था सहायक होगी।

डिजिटल क्रॉप सर्वे से तैयार हो रहा फसलों का सटीक रिकॉर्ड

प्रेम सिंह ने बताया कि जिले में खरीफ फसल का डिजिटल क्रॉप सर्वे भी तेजी से किया जा रहा है। अब तक 2,65,760 सर्वेक्षण किए जा चुके हैं, जिनमें से 2,30,301 सर्वे स्वीकृत हो चुके हैं। मोबाइल ऐप और जीपीएस तकनीक के माध्यम से खेतों की मैपिंग कर फसलों का वास्तविक विवरण दर्ज किया जा रहा है। इससे कृषि योजनाओं की बेहतर योजना बनाने तथा पात्र किसानों तक सेवाएं पहुंचाने में सहायता मिलेगी। फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से भूमि, फसल, मिट्टी और जलवायु से संबंधित जानकारी के आधार पर वैज्ञानिक कृषि परामर्श उपलब्ध करवाने में भी मदद मिलेगी। साथ ही सरकारी सहायता के पारदर्शी वितरण और पात्र किसानों की पहचान को अधिक सुगम बनाया जा सकेगा।

लोक मित्र केंद्रों पर निःशुल्क पंजीकरण

कृषि विभाग उपनिदेशक ने बताया कि जिन किसानों का अभी तक पंजीकरण नहीं हुआ है, वे अपने नजदीकी लोक मित्र केंद्र अथवा एग्रीस्टैक पोर्टल के माध्यम से निःशुल्क पंजीकरण करवा सकते हैं। पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, भूमि का कोई भी खसरा नंबर तथा आधार से लिंक मोबाइल नंबर आवश्यक है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को जागरूक करने के लिए गांव-गांव अभियान चलाया जा रहा है। 30 सितंबर तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 67 किसान रजिस्ट्री शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां किसानों को मौके पर ही पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने किसानों से निर्धारित तिथि, समय और स्थान पर पहुंचकर किसान रजिस्ट्री करवाने का आग्रह किया है। शिविरों में कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी किसानों को पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने में आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे।

डिजिटल खेती की ओर बढ़ रहा ऊना

एग्रीस्टैक और फार्मर रजिस्ट्री जैसी पहलें कृषि क्षेत्र को पारंपरिक व्यवस्था से तकनीक आधारित प्रणाली की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ऊना के 43 हजार से अधिक किसानों का डिजिटल रजिस्ट्री से जुड़ना जिले में आधुनिक कृषि सेवाओं को अपनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति है। इससे आने वाले समय में कृषि सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और किसान-केंद्रित बनाने में सहायता मिलेगी। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने जिले के सभी पात्र किसानों से अपील की है कि वे समय रहते एग्रीस्टैक पोर्टल पर अपना पंजीकरण अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि डिजिटल किसान रजिस्ट्री से सरकारी योजनाओं और कृषि सेवाओं का लाभ अधिक सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से किसानों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

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