Edited By Kuldeep, Updated: 16 Sep, 2026 11:25 PM

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि चिट्टा बेचने वालों के लिए हिमाचल में कोई जगह नहीं है। राज्य सरकार नशे के खिलाफ पूरी सख्ती से लड़ाई लड़ रही है, लेकिन इस लड़ाई को सफल बनाने के लिए समाज के हर वर्ग का सहयोग आवश्यक है।
ऊना (सुरेन्द्र): मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि चिट्टा बेचने वालों के लिए हिमाचल में कोई जगह नहीं है। राज्य सरकार नशे के खिलाफ पूरी सख्ती से लड़ाई लड़ रही है, लेकिन इस लड़ाई को सफल बनाने के लिए समाज के हर वर्ग का सहयोग आवश्यक है। जो लोग बच्चों को चिट्टा बेचकर पैसा कमा रहे हैं, युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर अपने घर भर रहे हैं, उन्हें ऊना की धरती से साफ कहना चाहता हूं कि हिमाचल में नशे के कारोबारियों को बख्शा नहीं जाएगा। सुक्खू ने कहा कि सरकार की नीति स्पष्ट है। चिट्टा बेचने वालों और नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जो युवा नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं, उनके साथ संवेदनशीलता के साथ व्यवहार करते हुए उन्हें इससे बाहर निकालने में हरसंभव सहायता दी जाएगी। नशा बेचने वाले और नशे में फंसे व्यक्ति को एक नजर से नहीं देखा जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी छोटी-सी सतर्कता किसी मां के बेटे को बचा सकती है, किसी पिता की बेटी को बचा सकती है और किसी परिवार को टूटने से बचा सकती है। केवल पुलिस के सहारे नशे के खिलाफ यह लड़ाई नहीं जीती जा सकती। पुलिस तस्कर को पकड़ सकती है और सरकार कानून बना सकती है, लेकिन किसी बच्चे को पहली बार नशा करने से परिवार, दोस्त, शिक्षक और समाज ही रोक सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने नशे के खिलाफ लड़ाई को जन आंदोलन बनाया है। सीएम ने इस अभियान का सिपाही बनने का आह्वान करते हुए कहा कि जहां चिट्टा बिकता दिखाई दे, वहां चुप न रहें और विश्वसनीय जानकारी टोल-फ्री नंबर 112 पर दें। प्रदेश सरकार ने विश्वसनीय सूचनाएं उपलब्ध करवाने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार की व्यवस्था भी की है।