Edited By Vijay, Updated: 01 Aug, 2026 07:34 PM

मादक पदार्थों की तस्करी के एक गंभीर मामले में शिमला की एक अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक आरोपी को दोषी करार दिया है और उसे 12 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
शिमला (संतोष): मादक पदार्थों की तस्करी के एक गंभीर मामले में शिमला की एक अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक आरोपी को दोषी करार दिया है और उसे 12 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को 3 वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
जानकारी के अनुसार यह मामला 24 अक्तूबर, 2024 का है। शिमला जिला के चिड़गांव पुलिस थाना क्षेत्र में पुलिस टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक व्यक्ति के कब्जे से 5.5 किलोग्राम चरस बरामद की थी। इतनी भारी मात्रा में नशे की खेप पकड़े जाने के बाद पुलिस ने तुरंत एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20 और 29 के तहत मुकद्दमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने मामले की गहनता से जांच की और मजबूत साक्ष्यों के साथ अदालत में चालान पेश किया। इस मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-1 शिमला की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए पुख्ता सबूतों और पुलिस की प्रभावी व सशक्त पैरवी के आधार पर अदालत ने 57 वर्षीय सोहन दास मूल निवासी उत्तरकाशी, उत्तराखंड को मादक पदार्थों की तस्करी का दोषी पाया।
इस अहम फैसले पर शिमला पुलिस ने कहा कि यह सजा नशे के सौदागरों के लिए एक कड़ा संदेश है। पुलिस प्रशासन मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरैंस की नीति पर काम कर रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि युवाओं को नशे के जाल में धकेलने वाले तस्करों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ यह सख्त अभियान लगातार जारी रहेगा।
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