Edited By Kuldeep, Updated: 22 Jul, 2026 06:17 PM

हिमाचल प्रदेश में जल्द ही भांग की खेती शुरू हो सकती है। प्रदेश सरकार व कृषि विभाग ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस कड़ी में एसओपी लगभग बन कर तैयार है तथा उसे अंतिम रूप दिया जा रहा है।
शिमला (भूपिन्द्र): हिमाचल प्रदेश में जल्द ही भांग की खेती शुरू हो सकती है। प्रदेश सरकार व कृषि विभाग ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस कड़ी में एसओपी लगभग बन कर तैयार है तथा उसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। जानकारी है कि एसओपी में भांग की खेती, बीज आपूर्ति व दवा या अन्य उत्पाद निर्माण के लिए लाइसैंस लेना अनिवार्य होगा तथा इसकी एवज में उन्हें शुल्क अदा करना होगा। जानकारी है कि लाइसैंस शुल्क 25 हजार से 2 करोड़ रुपए तक तय हो सकता है। इसमें बीज सप्लाई का लाइसैंस 25 हजार, भांग की खेती के लिए 3 लाख रुपए तथा प्रोसैसिंग व दवा या अन्य उत्पाद निर्माण के लिए लाइसैंस शुल्क 2 करोड़ रुपए निर्धारित हो सकता है।
हालांकि इसे अभी अंतिम रूप दिया जा रहा है। लाइसैंस न्यूनतम 3 एकड़ भूमि पर खेती के लिए ही दिया जाएगा। भांग की खेती के लिए भूमि को लीज पर लेने का भी प्रावधान किया गया है। यानि खेती के लिए भूमि को लीज पर लिया जा सकेगा। हालांकि बाहरी राज्यों या विदेश से बीज लाने की अनुमति किसी को नहीं होगी। जानकारी है कि सरकार अगली प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक या फिर 15 अगस्त को इसका ऐलान कर सकती है। इससे जहां प्रदेश की आय बढ़ेगी, वहीं युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।