Edited By Kuldeep, Updated: 01 Aug, 2026 06:13 PM

एचआरटीसी बसों में बिना टिकट के साथ यात्रा और टिकटिंग में अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए निगम प्रबंधन ने कंडक्टरों व यात्रियों के लिए नई एसओपी जारी की है।
शिमला (राजेश): एचआरटीसी बसों में बिना टिकट के साथ यात्रा और टिकटिंग में अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए निगम प्रबंधन ने कंडक्टरों व यात्रियों के लिए नई एसओपी जारी की है। नई एसओपी को लागू भी कर दिया है। निगम प्रबंधन ने टिकट रहित यानी बिना टिकट यात्रा से संबंधित सभी पुराने कार्यालय आदेश निरस्त कर दिए गए हैं।
नई व्यवस्था के तहत बिना वैध टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों पर 500 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा, जबकि टिकट जारी करने में लापरवाही या गड़बड़ी करने वाले नियमित और संविदा कंडक्टरों के खिलाफ जुर्माना, चार्जशीट, निलंबन और सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। इस संबंध मेें निगम प्रबंध निदेशक डा. निपुण जिंदल ने नई एसओपी जारी कर दी है। एसओपी को सख्ती से लागू करने करने को कहा है। एसओपी की व्याख्या या क्रियान्वयन से जुड़ा कोई भी विवाद होने पर एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक या उनके अधिकृत अधिकारी का निर्णय अंतिम माना जाएगा।
टिकट नहीं तो माना जाएगा टिकट रहित यात्रा
निगम प्रबंधन के अनुसार नई एसओपी के अनुसार बिना वैध टिकट यात्रा करना टिकट रहित यात्रा माना जाएगा। यदि कंडक्टर किराया वसूलकर टिकट जारी नहीं करता, कम किराए का टिकट देता, पुराना टिकट दोबारा जारी करता या गलत पंच करता है तो इसे गंभीर अनियमितता माना जाएगा और मामले के अनुसार कार्रवाई होगी। निगम ने स्पष्ट किया है कि मैनुअल टिकट केवल उसी स्थिति में जारी किए जाएंगे जब इलैक्ट्रॉनिक बस टिकटिंग मशीन ईबीटीएम को आधिकारिक रूप से खराब घोषित किया गया हो और उसकी प्रविष्टि दर्ज की गई हो। बसों में यदि किसी बच्चे की आयु को लेकर संदेह हो तो कंडक्टर आयु प्रमाण मांग सकता है। जानबूझकर कम टिकट देने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नियमित कंडक्टरों पर कार्रवाई
नई एसओपी के तहत कार्रवाई बस में यात्रियों की संख्या, किराए की राशि और कंडक्टर के पिछले रिकॉर्ड के आधार पर होगी। 20 से कम किराया होने पर पहली बार जुर्माना, दूसरी बार अधिक जुर्माना और तीसरी बार नियम-16 के तहत चार्जशीट। 21 से 100 रुपए तक के मामलों में पहली बार से ही कड़ी कार्रवाई और दोहराने पर नियम-14 के तहत विभागीय जांच। 100 से अधिक के मामलों में कंडक्टर को निलंबित कर नियम-14 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू होगी। यदि किसी कंडक्टर के रिकॉर्ड में बिना टिकट यात्रा के तीन या अधिक पुराने मामले हैं तो सीधे नियम-14 के तहत कार्रवाई होगी। 10 से अधिक सिद्ध मामलों वाले नियमित कंडक्टर के खिलाफ सेवा से बर्खास्तगी या अन्य बड़ी सजा पर भी विचार किया जाएगा।
यात्रियों पर 500 रुपए जुर्माना, शिकायत पर मिलेगा ईनाम
बिना वैध टिकट यात्रा करते पाए जाने वाले यात्रियों पर 500 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि कोई यात्री शिकायत करता है कि कंडक्टर ने टिकट जारी नहीं किया और जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो शिकायतकर्त्ता को टिकट मूल्य का 5 गुना पुरस्कार दिया जाएगा। शिकायत निगम की हैल्पलाइन 1100 या अन्य अधिकृत माध्यम से की जा सकेगी।