Edited By Kuldeep, Updated: 11 Jul, 2026 10:37 PM

भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने किन्नौर से लेकर सैंज घाटी तक भारी तबाही मचाई है। पूरे प्रदेश में भूस्खलन से 320 से अधिक सड़कें और 200 से ज्यादा बिजली ट्रांसफार्मर ठप्प पड़ गए हैं।
शिमला (संतोष): भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने किन्नौर से लेकर सैंज घाटी तक भारी तबाही मचाई है। पूरे प्रदेश में भूस्खलन से 320 से अधिक सड़कें और 200 से ज्यादा बिजली ट्रांसफार्मर ठप्प पड़ गए हैं। किन्नौर जिले में शुक्रवार को हुए भूस्खलन के कारण हवा में झूल रहा वैली ब्रिज पूरी तरह से ढह गया, जिससे सांगला घाटी का संपर्क शेष दुनिया से कट गया है। सांगला से छितकुल जाने वाली सड़क भी बटशेरी के पास चट्टानें गिरने से बंद हो गई है।
किन्नौर की पेजर खड्ड में जलस्तर बढ़ने से लिप्पा बस स्टैंड के पास बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। पानी के तेज बहाव के कारण लिप्पा बाजार में कई मकानों की आधी मंजिल तक पानी भर गया। सैंज घाटी के दुर्गम गांव शाक्टी और मरौड़ को जोड़ने वाली पुलिया और रास्ता नदी के उफान में बह गए हैं। इसके अलावा चैंणगा में लगा पैदल पुल भी तेज बहाव की भेंट चढ़ गया, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही पूरी तरह ठप्प हो गई है।
एनएचपीसी द्वारा शाम के समय डैम के गेट खोले जाने से पिन पार्वती नदी का जलस्तर एकाएक बढ़ गया। हालांकि प्रशासन ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया था, लेकिन नदी किनारे बसे सैंकड़ों लोग दहशत के कारण रातभर सो नहीं सके। वहीं सिरमौर जिले के पांवटा-राजवन-शिलाई-रोहड़ू नैशनल हाईवे पर भारी पहाड़ दरकने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई है।
संजौली में मकानों पर खतरा, गानवी में बही सड़क
शनिवार तड़के संजौली कॉलेज के पास बोथवेल में भारी भूस्खलन से सड़क का ढंगा ढह गया, जिससे 5 मकानों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। रामनगर में एक पुराना खाली मकान भरभरा कर ढह गया, जबकि मिनी कुफ्टाधार और शांकली में भी रास्तों व इमारतों को नुक्सान पहुंचा है। रझाणा में भूस्खलन की चपेट में आने से 2 गाड़ियां मलबे में दब गईं। वहीं रामपुर की गानवी खड्ड में आई बाढ़ के कारण जघोरी पंचायत को जोड़ने वाली 500 मीटर सड़क पूरी तरह बह गई है, जिससे ग्रामीणों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है।
शिमला में झमाझम बारिश, सुंदरनगर सबसे गर्म
प्रदेश में शनिवार को शिमला में सर्वाधिक 13 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा जुब्बरहट्टी में 3.8, नाहन में 2.4 और कल्पा में 1.8 मिलीमीटर वर्षा हुई, जबकि ऊना, सुंदरनगर और बिलासपुर सहित कई मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रहा।
14 तक भारी बारिश का यैलो अलर्ट
मौसम केंद्र शिमला के अनुसार राज्य में 11 से 14 जुलाई तक अधिकांश और अनेक हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश को लेकर यैलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने 11 से 14 जुलाई के बीच राज्य के कई हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है।