Edited By Vijay, Updated: 10 Jul, 2026 09:12 PM

हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। पिछले 24 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण राज्य के शिमला, सोलन, सिरमौर और मंडी सहित कई जिलों में भूस्खलन, जलभराव और हादसों से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
शिमला (संतोष): हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। पिछले 24 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण राज्य के शिमला, सोलन, सिरमौर और मंडी सहित कई जिलों में भूस्खलन, जलभराव और हादसों से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने शुक्रवार को सोलन और सिरमौर जिलों के सभी सरकारी व निजी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया गया।
गिरी नदी के सभी 10 गेट खोले, नाहन में 40 लोग फंसे
सिरमौर जिले में बारिश से भारी नुक्सान हुआ है। शुक्रवार को सबसे ज्यादा 158.5 मिलीमीटर बारिश नाहन में ही दर्ज की गई। नाहन जिला मुख्यालय की जोशियों वाली गली में एक जर्जर डंगा (पुश्ता) ढहने से भारी मलबा आ गया, जिससे 8 परिवारों के करीब 40 लोग अपने ही घरों में फंस गए। पूरे जिले में 4 दर्जन से अधिक सड़कें बंद हो चुकी हैं। वहीं, गिरी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिसके बाद एहतियात के तौर पर बांध के सभी 10 गेट खोल दिए गए हैं और निचले व मैदानी इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
सोलन में कार पर गिरे पत्थर, मंडी-मनाली हाईवे पर भारी वाहन रोके
सोलन जिले के गम्भरपुल-सरली मार्ग पर एक चलती इनोवा क्रिस्टा गाड़ी पर पहाड़ी से अचानक भारी पत्थर और मलबा आ गिरा। इस भयानक हादसे में कार सवार 3 महिलाओं समेत 5 लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से 2 की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। उधर, मंडी जिले के हणोगी के पास पहाड़ी से भारी चट्टानें गिरने के कारण मंडी-मनाली हाईवे पर बड़ी गाड़ियों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। फिलहाल पुलिस की कड़ी देखरेख में केवल छोटे वाहनों को ही निकाला जा रहा है। इसके अलावा सराज क्षेत्र के कुकुलाह खंड में भी बाढ़ आने से रास्ते बंद हो गए हैं।
उधर, शिमला जिले के सुन्नी उपमंडल में लगातार बारिश के कारण आईटीआई परिसर और गौ सदन तक में पानी भर गया। सूचना मिलते ही प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी विद्यार्थियों को सुरक्षित बाहर निकाला और परिसर को खाली करवा लिया।
सीएम सुक्खू ने जताई चिंता, लोगों से की सुरक्षित रहने की अपील
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 11 से 15 जुलाई तक राज्य के लिए मौसम चुनौतीपूर्ण रहेगा। इस दौरान प्रदेश के एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। साथ ही कई हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश में बारिश से उपजी स्थिति पर सोशल मीडिया के माध्यम से चिंता व्यक्त की है। उन्होंने जनता से सतर्कता बरतने की अपील करते हुए कहा कि वह स्वयं अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं और पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सभी स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों से मौसम विभाग तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन करने का आह्वान किया है।
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