Edited By Vijay, Updated: 09 Jul, 2026 12:53 PM

हिमाचल प्रदेश में मानसून लगातार पूरी तरह से सक्रिय बना हुआ है। लगातार हो रही बारिश अब आसमानी आफत में तब्दील होती जा रही है, जिसके चलते कई जिलों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। एक तरफ उफनती नदियां डरा रही हैं, तो दूसरी तरफ दरकते पहाड़ रास्तों...
शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून लगातार पूरी तरह से सक्रिय बना हुआ है। लगातार हो रही बारिश अब आसमानी आफत में तब्दील होती जा रही है, जिसके चलते कई जिलों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। एक तरफ उफनती नदियां डरा रही हैं, तो दूसरी तरफ दरकते पहाड़ रास्तों को रोक रहे हैं। किन्नौर जिले में गुरुवार सुबह से ही मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। इस लगातार बारिश के कारण मलिंग नाला क्षेत्र में हालात बिगड़ गए हैं और पहाड़ी से पत्थर गिरने की घटनाओं में अचानक वृद्धि हुई है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन ने राष्ट्रीय राजमार्ग-505 पर वाहनों की आवाजाही को अस्थायी रूप से पूरी तरह रोक दिया है। लोक निर्माण विभाग और स्थानीय प्रशासन मौके पर डटा हुआ है और हालात पर पैनी नजर बनाए हुए है।
7 जिलों में भारी बारिश होने की प्रबल संभावना
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने प्रदेश के 7 जिलों के लिए मौसम का ताजा अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार चम्बा, मंडी, सिरमौर और सोलन जिलों में कई स्थानों पर भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। वहीं, कांगड़ा, शिमला और कुल्लू जिलों में मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस बारिश के कारण भूस्खलन, जलभराव, सड़कों पर फिसलन, कम दृश्यता और यातायात बाधित होने जैसे गंभीर खतरे पैदा हो सकते हैं।
उफान पर ब्यास नदी, लारजी डैम से छोड़ा जा रहा अतिरिक्त पानी
लगातार बारिश का सीधा असर नदियों के जलस्तर पर पड़ रहा है। 126 मैगावाट लारजी जलविद्युत परियोजना प्रबंधन ने खतरे को भांपते हुए एहतियाती एडवाइजरी जारी कर दी है। जलाशय का जलस्तर बेहद तेजी से बढ़ रहा है। परियोजना की एक यूनिट ट्रिप होने के चलते अब बांध से ब्यास नदी में अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है। प्रबंधन ने साफ किया है कि यदि जलस्तर और बढ़ा तो ब्यास नदी में और अधिक पानी छोड़ना पड़ेगा।
पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी
खराब होते हालात और ब्यास नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और परियोजना प्रबंधन ने स्थानीय लोगों, पर्यटकों और नदी किनारे रहने वालों से अत्यधिक सतर्क रहने की अपील की है। सभी होटल, होमस्टे, कैंप संचालकों और टैक्सी ऑप्रेटरों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे पर्यटकों को किसी भी सूरत में ब्यास नदी के किनारे न जाने दें। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें और जान जोखिम में डालकर अनावश्यक यात्रा करने से बचें।
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