Edited By Kuldeep, Updated: 04 Jul, 2026 06:46 PM

हिमाचल में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता तेज हो गई है। राज्य के कई हिस्सों में शनिवार और पिछले 24 घंटों के दौरान हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई है।
शिमला (संतोष): हिमाचल में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता तेज हो गई है। राज्य के कई हिस्सों में शनिवार और पिछले 24 घंटों के दौरान हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने आगामी 6 और 7 जुलाई के लिए प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरैंज अलर्ट जारी किया है। वहीं 30 जून से शुरू हुए इस मानसून सीजन में अब तक वर्षा जनित हादसों में 14 लोगों की जान जा चुकी है। शनिवार को दिन के समय धर्मशाला में सबसे अधिक 36 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
इसके अलावा मशोबरा में 16, शिमला में 8.4, नाहन में 6.2 और कुफरी में 5.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। पिछले 24 घंटों में राज्य में सबसे ज्यादा बारिश सिरमौर जिले के राजगढ़ में 9 सैंटीमीटर दर्ज की गई। कसौली में 55, मनाली में 51, चम्बा (भटियात) में 45.3, धर्मपुर (सोलन) में 42.4 और शिमला (सराहन) में 39.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। शिमला, जुब्बड़हट्टी, सुंदरनगर, कांगड़ा और कुफरी में गरज के साथ बिजली चमकने की घटनाएं भी दर्ज की गईं। हालांकि कहीं भी ओलावृष्टि या बर्फबारी नहीं हुई। तापमान की बात करें तो मैदानी इलाके ऊना में अधिकतम तापमान सबसे ज्यादा 35.4 डिग्री सैल्सियस दर्ज किया गया। वहीं राजधानी शिमला में मौसम सुहावना बना हुआ है और यहां का अधिकतम तापमान 22.5 डिग्री सैल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम केंद्र शिमला ने आगामी दिनों के लिए चेतावनी जारी करते हुए तापमान में 2 से 3 डिग्री सैल्सियस की गिरावट का अनुमान जताया है। 5 जुलाई को यैलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके तहत कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी बारिश का यैलो अलर्ट है। अधिकांश क्षेत्रों में बारिश जारी रहने का अनुमान है। 6 जुलाई को कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरैंज अलर्ट, वहीं ऊना, हमीरपुर, चम्बा और कुल्लू में भारी बारिश का यैलो अलर्ट जारी किया गया है। 7 जुलाई को कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर और हमीरपुर जिलों के लिए ऑरैंज अलर्ट, जबकि बिलासपुर, ऊना, चम्बा, कुल्लू और सोलन जिलों में यैलो अलर्ट रहेगा। 8 और 9 जुलाई को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की संभावना के चलते यैलो अलर्ट जारी किया गया है। 10 जुलाई को फिलहाल कोई विशेष चेतावनी नहीं है, लेकिन बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
मानसून से अब तक भारी नुक्सान
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार 30 जून से शुरू हुए मानसून सीजन में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 24 लोग घायल हुए हैं। 5 लोगों की जान पैर फिसलने से गई और 3 लोगों की करंट लगने से मौत हुई। 2 लोगों की सड़क हादसों में जान गई। एक व्यक्ति पानी में बह गया और 3 अन्य कारणों से मौत का शिकार हुए। इसके अलावा, प्राकृतिक आपदा के कारण 9 कच्चे मकान और 5 पशुशालाएं पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। प्रदेश में कई सड़कें, बिजली और पेयजल सेवाएं भी प्रभावित हैं। मौसम विभाग और प्रशासन ने अगले कुछ दिनों के लिए लोगों और पर्यटकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।