Edited By Vijay, Updated: 01 Jul, 2026 12:04 PM

हिमाचल प्रदेश में मानसून ने दस्तक देते ही अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। राज्य में महज 24 घंटे की बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है, जिसके चलते पूरे प्रदेश में 44 सड़कें और 254 बिजली के ट्रांसफॉर्मर ठप्प हो गए हैं।
शिमलाः हिमाचल प्रदेश में मानसून ने दस्तक देते ही अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। राज्य में महज 24 घंटे की बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है, जिसके चलते पूरे प्रदेश में 44 सड़कें और 254 बिजली के ट्रांसफॉर्मर ठप्प हो गए हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि कहीं नदियां-नाले उफान पर हैं, तो कहीं पुल टूटने से गांवों का संपर्क कट गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आज रात से पश्चिमी विक्षोभ और अधिक ताकतवर हो जाएगा। इसे देखते हुए मैदानी और मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में अगले 72 घंटे के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया गया है।
चम्बा-तीसा हाईवे समेत कई प्रमुख सड़कें बंद
भारी बारिश के कारण बुनियादी ढांचे को भारी नुक्सान पहुंचा है। बीती रात शिमला जिले के रामपुर स्थित गानवी में तेज बारिश के कारण एक अस्थायी पुल टूट गया, जिससे तीन पंचायतों का संपर्क पूरी तरह से कट गया है। बारिश के कारण सड़कों के अवरुद्ध होने का सबसे ज्यादा असर मंडी (28 सड़कें बंद) और कुल्लू (14 सड़कें बंद) में देखने को मिला है। बीती रात कांगड़ा के नगरोटा सूरियां में सर्वाधिक 102.5 मिलीमीटर और घमरोर में 95.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। चम्बा में भी सुबह से हो रही भारी बारिश के कारण सलूणी उपमंडल के लनोट और फगड़ोग गांवों में घरों में मलबा घुस गया है, वहीं चम्बा-तीसा हाईवे समेत कई प्रमुख सड़कें बंद हो गई हैं। शिमला में सुबह से तेज बारिश शुरू हो गई है, जबकि मंडी, कुल्लू और हमीरपुर के कई हिस्सों में सुबह से बूंदाबांदी का दौर जारी है।
मनाली-काजा हाईवे पर कलवर्ट बंद होने से सड़क टूटी
जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति में बारिश के साथ-साथ तेजी से बर्फ पिघलने के कारण बाढ़ जैसे खतरनाक हालात बन गए हैं। यहां मनाली-काजा नैशनल हाईवे पर चिचोंग-खोलकसा के पास पानी की निकासी के लिए लगाए गए कलवर्ट बंद होने से सड़क ही टूट गई। वहीं, जिस्पा क्षेत्र में बीती रात तेज बहाव के साथ आए भारी मलबे ने मनाली-लेह और मनाली-जांस्कर मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया, जिससे कई गाड़ियां भी फंस गईं। हालांकि, रात 12 बजे के बाद पानी का स्तर कम होने पर बीआरओ ने हाईवे को बहाल कर दिया है। हालात ये हैं कि जहालमा नाले में बाढ़ के बावजूद लोग अपनी जान जोखिम में डालकर उसे पार करने को मजबूर हैं। किसान अपनी फसल बचाने के लिए मजदूरों की मदद से उफनते नाले के आर-पार जा रहे हैं।
राज्य में अगले 6 दिनों तक जारी रहेगा बारिश का दौर
मानसून की स्थिति को लेकर मौसम विभाग ने बताया कि यह पूरे किन्नौर जिले के साथ-साथ कुल्लू और लाहौल-स्पीति के अधिकांश इलाकों को कवर कर चुका है। इसके अलावा शिमला, मंडी, सिरमौर और कांगड़ा जिलों के कुछ हिस्सों में भी मानसून की एंट्री हो गई है। प्रदेश में अगले 6 दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा। आज किन्नौर, लाहौल-स्पीति और कुल्लू को छोड़कर अन्य सभी जिलों में तेज बारिश का यैलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफान चलने की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 3 से 4 दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री और न्यूनतम (रात के) तापमान में 2 से 3 डिग्री सैल्सियस की भारी गिरावट आएगी, जो कि फिलहाल सामान्य के आसपास बना हुआ है।
पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए एडवाइजरी जारी
बिगड़ते मौसम और आगामी खतरे को देखते हुए प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे उफनते नदी-नालों के आसपास जाने से बचें और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से उचित दूरी बनाए रखें। ऊंचाई वाले इलाकों में किसी भी तरह की अनावश्यक यात्रा न करने की विशेष सलाह दी गई है, साथ ही मानसून के इस दौर में सभी को मौसम के हर अपडेट और बदलती स्थिति पर लगातार नजर रखने की हिदायत दी गई है ताकि किसी भी तरह के जानमाल के नुक्सान से बचा जा सके।
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