Weather Update: प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी, 49 सड़कें बंद और नदियां उफान पर

Edited By Kuldeep, Updated: 02 Jul, 2026 07:24 PM

shimla weather bad

प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के रफ्तार पकड़ते ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने राज्य में आगामी 8 जुलाई तक भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया है।

शिमला (संतोष): प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के रफ्तार पकड़ते ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने राज्य में आगामी 8 जुलाई तक भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार 3 से 6 जुलाई तक राज्य के कई जिलों भारी बारिश का ऑरैंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 7 और 8 जुलाई को यैलो अलर्ट रहेगा। वीरवार को भी शिमला सहित राज्य के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। आंकड़ों के मुताबिक बिलासपुर में सबसे ज्यादा 13.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। धौलाकुआं में 7, सोलन में 6, जुब्बड़हट्टी में 5 और सुंदरनगर में 3.2, जबकि शिमला में 0.3 मिलीमीटर हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई और शाम को शिमला में धूप खिली, वहीं ऊना में मौसम शुष्क रहा। बारिश के चलते राज्य का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 3.2 डिग्री सैल्सियस नीचे आ गया है।

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई इलाकों में व्यापक और भारी वर्षा दर्ज की गई है, जिससे नदी-नाले उफान पर हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार गुरुवार सुबह तक प्रदेश में 46 सड़कें बंद थीं, जो शाम को 49 हो गईं। प्रदेश में सुबह 181 बिजली ट्रांसफार्मर ठप्प पड़े थे, जबकि शाम को इनकी संख्या घटकर 42 हो गई। सुबह 6 पेयजल योजनाएं प्रभावित थीं जो शाम को बढ़कर 27 हो गईं, जिससे स्थानीय लोगों को पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।

लाहौल और किन्नौर में बाढ़ का खतरा, बांधों से छोड़ा पानी
लाहौल घाटी के जाहलमा नाले में उफान आने से तांदी-उदयपुर-तिंदी-किलाड़ वैकल्पिक मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था। सीमा सड़क संगठन ने चार दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद एक अस्थायी मार्ग तैयार किया है, जिस पर फिलहाल केवल फोर-बाई-फोर वाहनों की आवाजाही शुरू की गई है, ताकि फंसे हुए वाहनों को निकाला जा सके। किन्नौर के कड़छम बांध के तहत लीपा नाले में बाढ़ आने से पेजर खड्ड का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे किनारे बने मकानों पर खतरा मंडरा रहा है। सतलुज नदी के बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए कड़छम बांध प्रबंधन ने रेडियल और सिल्ट फ्लशिंग गेट्स के माध्यम से कुल 277 क्यूमेक पानी डाऊनस्ट्रीम की ओर छोड़ दिया है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी है।

मुख्यमंत्री ने जनता से की सतर्क रहने की अपील
बिगड़ते हालात और मानसून की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जनता से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हैं। राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है और मैं स्वयं भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हूं। प्रदेशवासियों से आग्रह है कि नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें तथा जिला प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी का पूरी गंभीरता से पालन करें।

 

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