Edited By Kuldeep, Updated: 06 Jun, 2026 07:50 PM

हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए राज्य सरकार ने शपथ ग्रहण समारोह और पंचायतों की पहली बैठकों का कार्यक्रम तय कर दिया है।
शिमला (भूपिन्द्र): हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए राज्य सरकार ने शपथ ग्रहण समारोह और पंचायतों की पहली बैठकों का कार्यक्रम तय कर दिया है। पंचायती राज विभाग द्वारा शनिवार को जारी 2 अलग-अलग अधिसूचनाओं के अनुसार जिला स्तर पर नवनिर्वाचित प्रधानों और उपप्रधानों का शपथ ग्रहण समारोह 15 जून को आयोजित किया जाएगा, जबकि नवगठित पंचायतों की पहली बैठक 27 जून को होगी। इन बैठकों में संबंधित पंचायतों के नवनिर्वाचित सदस्यों को पंचायत प्रधान शपथ दिलाएंगे तथा पंचायत की कार्यप्रणाली और आगामी विकास कार्यों पर चर्चा होगी।
विभाग ने शपथ ग्रहण समारोहों को लेकर विस्तृत कार्यक्रम जारी करते हुए मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों को विभिन्न जिलों की जिम्मेदारी सौंपी है। अधिसूचना के अनुसार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कांगड़ा जिले में नवनिर्वाचित प्रधानों और उपप्रधानों को शपथ दिलाएंगे। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया चम्बा में, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ऊना में तथा पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह मंडी जिले में शपथ ग्रहण समारोह का नेतृत्व करेंगे।
इसी प्रकार शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को शिमला, स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल को सोलन, कृषि मंत्री चंद्र कुमार को कुल्लू और लाहौल-स्पीति, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान को सिरमौर, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी को किन्नौर तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री यादवेंद्र गोमा को हमीरपुर जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अन्य जिलों के लिए भी संबंधित मंत्रियों और वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों को दायित्व दिए गए हैं। जारी सूची में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह का नाम शामिल नहीं है।
डीसी तय करेंगे कार्यक्रम का समय और स्थान
पंचायती राज विभाग के निर्देशों के अनुसार जिला स्तर पर आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोहों का समय और स्थान संबंधित जिलों के डीसी तय करेंगे। इन कार्यक्रमों में सांसदों, विधायकों, जिला परिषद प्रतिनिधियों और अन्य गण्यमान्य व्यक्तियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
कुछ क्षेत्राें में पहली बैठक होगी 18 अक्तूबर को
हालांकि कुछ दुर्गम और विशेष परिस्थितियों वाले क्षेत्रों को इस कार्यक्रम से अलग रखा गया है। इनमें लाहौल-स्पीति के केलांग उपमंडल, चम्बा के पांगी उपमंडल तथा कुल्लू जिले की जबान, नमहोग, करजन और सोयल पंचायतें शामिल हैं। इन क्षेत्रों में पहली बैठक 18 अक्तूबर को आयोजित की जाएगी।