हिमाचल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी होगी दूर, PG मेडिकल सीटें 277 से बढ़ाकर 597 करने की तैयारी

Edited By Vijay, Updated: 17 Jul, 2026 05:07 PM

preparation to increase pg medical seats in himachal from 277 to 597

हिमाचल में पीजी मेडिकल सीटें 277 से बढ़ाकर 597 करने की तैयारी है। हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में पोस्ट ग्रैजुएट सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।

शिमला (ब्यूरो): हिमाचल में पीजी मेडिकल सीटें 277 से बढ़ाकर 597 करने की तैयारी है। हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में पोस्ट ग्रैजुएट सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। एक ही चरण में पीजी सीटों में इतनी बड़ी बढ़ौतरी पहली बार प्रस्तावित की गई है। इससे प्रदेश के छात्रों को राज्य में ही स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने के अधिक अवसर मिलेंगे। साथ ही विभिन्न विषयों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने में सहायता मिलेगी और प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। पीजी डॉक्टर मरीजों के इलाज, चिकित्सा शिक्षा और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं इसलिए पीजी छात्रों की संख्या बढ़ने से राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में मरीजों की देखभाल भी बेहतर होगी।

आईजीएमसी शिमला में 139 से बढ़ाकर 230 की सीटें
 प्रस्ताव के अनुसार आईजीएमसी शिमला में पीजी सीटें 139 से बढ़ा कर 230, डाॅ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा में 99 से बढ़ाकर 156, लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय मंडी में 24 से बढ़ाकर 79, डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नाहन में 3 से बढ़ा कर 35, पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय चम्बा में 4 से बढ़ाकर 32 और डाॅ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर में 8 से बढ़ा कर 65 करने का प्रस्ताव है।

सीनियर रैजीडैंट और ट्यूटर विशेषज्ञ के 218 नए पद भी सृजित
इस विस्तार को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने पिछले तीन वर्षों में राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में सीनियर रैजीडैंट और ट्यूटर विशेषज्ञ के 218 नए पद भी सृजित किए हैं। इनमें डाॅ. राजेंद्र प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय टांडा में 54, डाॅ. वाईएस परमार चिकित्सा महाविद्यालय नाहन में 31, पंडित जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय चम्बा में 32, लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सा महाविद्यालय मंडी में 36, डाॅ. राधाकृष्णन चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर में 63 और अटल इंस्टीच्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पैशलिटी चमियाना में 2 पद शामिल हैं। इन पदों के सृजन से विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ होंगी, पीजी चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।

सीनियर रैजीडैंट बड़े अस्पतालों की रीढ़, प्रदेश को मिलेंगे विशेषज्ञ डॉक्टर: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सीनियर रैजीडैंट बड़े अस्पतालों और चिकित्सा महाविद्यालयों की रीढ़ होते हैं। वे मरीजों के उपचार, चिकित्सा शिक्षा, शोध और क्लीनिकल प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वह शिक्षकों और मैडीकल छात्रों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का काम करते हैं और अस्पतालों की सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने में योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि पीजी सीटों में बढ़ौतरी से प्रदेश में अधिक विशेषज्ञ चिकित्सक तैयार होंगे, जो लोगों की बढ़ती स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने में मदद करेंगे।

 

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