Edited By Kuldeep, Updated: 22 Jul, 2026 09:38 PM

राज्य में मानसून की सक्रियता से जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार बारिश, जगह-जगह भूस्खलन और मलबे के कारण प्रदेश भर में 100 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं।
शिमला (संतोष): राज्य में मानसून की सक्रियता से जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार बारिश, जगह-जगह भूस्खलन और मलबे के कारण प्रदेश भर में 100 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। मौसम विभाग ने 28 जुलाई तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश का यैलो अलर्ट जारी किया है। टूटीकंडी वार्ड के ओल्ड बैरियर के पास बुधवार सुबह चार बड़े पेड़ मकानों पर गिर गए, जिससे घरों की टीन की छतें क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत रही कि लोग समय रहते बाहर निकल गए। लिफ्ट के पास राजीव भवन के सामने भी पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं।
चम्बा जिला के सलूणी के बणी गांव में आसमानी बिजली गिरने से एक गरीब किसान की 3 खच्चरों की मौत हो गई। रावी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से उसमें फंसे एक युवक को स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बचा लिया। कुल्लू के आनी, बंजार और निरमंड में भूस्खलन के खतरे के चलते एहतियातन सभी शिक्षण संस्थान बंद रखे गए हैं। सिरमौर में 17 सड़कें और 23 पेयजल योजनाएं ठप्प पड़ गई हैं। बीते 24 घंटों में शिमला के मशोबरा में सबसे अधिक 120 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।