Edited By Vijay, Updated: 15 Jul, 2026 06:31 PM

ल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे जिन शिक्षकों ने अभी तक शिक्षक पात्रता परीक्षा (टैट) उत्तीर्ण नहीं की है, उनके लिए प्रदेश सरकार ने जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
शिमला (ब्यूरो): हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे जिन शिक्षकों ने अभी तक शिक्षक पात्रता परीक्षा (टैट) उत्तीर्ण नहीं की है, उनके लिए प्रदेश सरकार ने जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट के आदेशों की अनुपालना करते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसे सभी इन-सर्विस (कार्यरत) शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक अनिवार्य रूप से टैट पास करना होगा। इस संबंध में राज्य के शिक्षा सचिव की ओर से स्कूल शिक्षा निदेशक को आधिकारिक पत्र जारी कर दिया गया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि माननीय अदालत के आदेशों के तहत इन-सर्विस शिक्षकों के लिए टैट योग्यता प्राप्त करने की मोहलत (समयसीमा) को 2 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष कर दिया गया है।
बिना टैट वाले शिक्षकों की बनेगी सूची
सरकार ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत ऐसे सभी कार्यरत शिक्षकों की सूची तैयार करें, जिन्होंने अभी तक टैट पास नहीं किया है। इसके साथ ही, जिला व खंड (ब्लॉक) स्तर के शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रमुखों (प्रिंसिपल/हैडमास्टर) को भी इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी करने को कहा गया है। विभाग को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी पात्र शिक्षक 31 अगस्त 2028 की डेडलाइन तक यह परीक्षा पास कर लें।
शिक्षकों की सुविधा के लिए धर्मशाला बोर्ड के साथ होगा समन्वय
शिक्षकों को टैट पास करने के पर्याप्त अवसर मिल सकें, इसके लिए सरकार ने विशेष व्यवस्था करने को कहा है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को निर्देश दिए गए हैं कि वह हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (धर्मशाला) के साथ समन्वय स्थापित करे। इसके तहत साल में कम से कम दो बार विशेष टैट परीक्षा का आयोजन किया जाएगा, साथ ही परीक्षा कार्यक्रम (शैड्यूल) का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने के भी सख्त निर्देश दिए गए हैं, ताकि कोई भी शिक्षक जानकारी के अभाव में परीक्षा से वंचित न रहे।
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