Edited By Kuldeep, Updated: 27 Oct, 2026 08:27 PM

विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने नई दिल्ली में 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच में पीठासीन अधिकारियों की समिति बैठक को संबोधित करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए विधायी संस्थाओं की प्रभावशीलता पर बल दिया है।
शिमला (ब्यूरो): विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने नई दिल्ली में 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच में पीठासीन अधिकारियों की समिति बैठक को संबोधित करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए विधायी संस्थाओं की प्रभावशीलता पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि कार्य संचालन एवं प्रक्रिया नियम केवल तकनीकी प्रावधान नहीं हैं, बल्कि वे लोकतांत्रिक जवाबदेही, पारदर्शिता, बहस और जनप्रतिनिधित्व के आधार हैं। उन्होंने कहा कि हमारी संसदीय प्रणाली संघीय ढांचे पर आधारित है। यहां केंद्र तथा राज्य लोकतांत्रिक प्रणाली के 2 ढांचे हैं, जो देश को एक समान मॉडल नियमावली से एकरूपता में बांधने का प्रयास करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा सकता है।
उन्होंने कहा कि हालांकि कुछ राज्य विधान मंडलों में विधायी निकायों की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन के नियमों में एकरूपता देखी जा सकती है, लेकिन कई जगह भौगोलिक परिस्थितियों, विशिष्ट राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक परिस्थितियों की वजह से सभी निकायों में समानता लाना मुमकिन नहीं है। उन्होंने हिमाचल विधानसभा कार्य संचालन एवं प्रक्रिया के नियमों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे यहां बजट और अन्य मुद्दों पर विस्तार से पूरी चर्चा की जाती है। उन्होंने इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की सराहना की।