Shimla: विदेशों में किन्नौर एप्पल सहित हिमाचल के फलों की मांग : नितिन

Edited By Kuldeep, Updated: 07 Jun, 2026 07:23 PM

shimla foreign kinnaur apple demand

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव नितिन यादव ने कहा कि विदेशों में किन्नौर एप्पल सहित हिमाचल प्रदेश के फलों की बहुत मांग है।

शिमला (भूपिन्द्र): वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव नितिन यादव ने कहा कि विदेशों में किन्नौर एप्पल सहित हिमाचल प्रदेश के फलों की बहुत मांग है। विदेशों में हिमाचल के फल उपभोक्ताओं को नहीं मिलते हैं, क्योंकि हिमाचल के सेब, स्टोन फ्रूट व अन्य फल निर्यात नहीं हो रहे हैं। यह बात उन्होंने कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) और हिमाचल बागवानी उपज विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) के संयुक्त तत्वावधान में फागू में कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात संवर्धन सम्मेलन में तथा उसके बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में कही।

सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश के जैविक फलों और कृषि उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाने की दिशा में केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। सम्मेलन में किसानों, उत्पादकों, निर्यातकों और उद्यमियों को वैश्विक बाजार में उपलब्ध अवसरों तथा चुनौतियों की जानकारी दी गई। वाणिज्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव नितिन यादव ने कहा कि वैज्ञानिक उत्पादन, आधुनिक पैकेजिंग, डिजिटल ट्रैकिंग और जैविक प्रमाणन के माध्यम से किसानों को बेहतर मूल्य और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भरोसा मिलेगा। उन्होंने बताया कि एपीडा किसानों और निर्यातकों को वित्तीय सहायता, बीमा तथा तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध करा रहा है।

उन्होंने कहा कि खुबानी, चेरी और बेर जैसे जैविक गुठलीदार फलों का निर्यात होने पर किसानों को घरेलू बाजार की तुलना में दोगुनी से चार गुना तक अधिक कीमत मिल सकती है। हिमाचल के कृषि और बागवानी उत्पादों को 206 देशों तक पहुंचाने की दिशा में यह सम्मेलन एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि एपीडा जल्द ही चेरी का निर्यात करेगा। इसके लिए जहां ट्रायल चल रहा है, वहीं प्रोटोकाॅल तय किया जा रहे हैं। इसमें बागवानी विश्वविद्यालय यह देखेगा कि चेरी व अन्य फल जल्द खराब न हों।

इसकी शैल्फ लाइफ को बढ़ाने के भी प्रयास किए जाएंगे। साथ ही जीआई सर्टीफिकेशन की भी बात की जा रही है, ताकि दूसरी जगह के उत्पाद एक ही नाम से न बिकें। सिरमौर के ब्लैक गारलिक का भी निर्यात किया जा रहा है। इस अवसर पर निदेशक वाणिज्य मंत्रालय मोनिका गौड़, प्रबंध निदेशक एचपीएमसी डीसी राणा, एचपीएमसी के जीएम सन्नी शर्मा सहित अन्य अधिकारी व किसान मौजूद थे।

फलों के निर्यात से बागवानों को मिलेंगे अच्छे दाम
स्टोन फ्रूट उत्पादक संघ के अध्यक्ष दीपक सिंघा व संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान ने बताया कि भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय द्वारा शुरू की गई इस पहल से भारतीय फल मूल्य श्रृंखला वैश्विक स्तर पर मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि हमें अपने उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना होगा। उन्होंने उत्पादन, गुणवत्ता और तकनीकी प्रोटोकाॅल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्टोन फ्रूट के निर्यात से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत दोगुनी से चार गुना हो सकती है।

 

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