Edited By Kuldeep, Updated: 15 Jul, 2026 06:20 PM

नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत सी ग्रेड सेब खरीद के लिए नई व्यवस्था लागू करने पर आपत्ति जताई है।
शिमला (ब्यूरो): नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत सी ग्रेड सेब खरीद के लिए नई व्यवस्था लागू करने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि एक बागवान से अधिकतम 30 बोरी ही सी ग्रेड सेब खरीदने की सीमा तय करना अन्यायपूर्ण है तथा भाजपा बागवानों की आवाज को सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से उठाएगी। जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी बयान में आरोप लगाया कि आज लोगों को अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए न्यायालय की शरण लेनी पड़ रही है।
उन्होंने सरकार से जानना चाहा कि जिन बागवानों के बगीचों में 30 बोरी से अधिक सी ग्रेड सेब का उत्पादन होगा, वे आखिरकार इसे कहां लेकर जाएंगे और उसकी बर्बादी का जिम्मेदार कौन होगा? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल प्रचार तंत्र, झूठ और बड़े-बड़े होर्डिंग्स के सहारे चलने वाली संवेदनहीन सरकार है। उन्होंने कहा कि कभी दूध खरीद की सीमा तय करना, कभी कृषि और बागवानी उत्पादों की सरकारी खरीद में इस तरह की अड़चनें और बंदिशें पैदा करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि बागवानों को न तो समय पर स्प्रे ऑयल मिल रहा है और न ही गुणवत्तापूर्ण खाद और दवाइयां मिल रही हैं।
हाईकोर्ट के आदेशों से सरकार का राजनीतिक द्वेष व तानाशाही हुई बेनकाब
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मंडी जिला के देऊरी स्कूल भवन और मंडी मेयर शपथ विवाद में हिमाचल हाईकोर्ट की तरफ से कड़ा रुख अपनाना सराहनीय कदम है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट के इन फैसलों ने कांग्रेस सरकार की संवेदनहीनता, तानाशाही और राजनीतिक द्वेष को पूरी तरह उजागर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है कि केवल राजनीतिक श्रेय लेने और केंद्रीय कांग्रेस नेताओं से उद्घाटन करवाने की जिद में सरकार ने नौनिहालों को तैयार सुरक्षित स्कूल भवन से वंचित रखा।
उन्होंने आरोप लगाया कि मंडी नगर निगम में भाजपा को मिले बहुमत को सरकार पचा नहीं पा रही है, जिस कारण नवनिर्वाचित मेयर सुमन ठाकुर को शपथ न दिलाकर लोकतंत्र की हत्या और जनादेश का अपमान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की यह दमनकारी नीति कानून के सामने टिक नहीं पाई और न्यायपालिका ने सरकार को आईना दिखाया है। उन्होंने कहा कि सरकार को राजनीतिक नफा-नुक्सान छोड़कर तुरंत बच्चों को नए भवन में शिफ्ट करना चाहिए और नवनिर्वाचित मेयर व डिप्टी मेयर को पद की शपथ दिलानी चाहिए।