Edited By Vijay, Updated: 23 Jun, 2026 05:25 PM

जिला कांग्रेस में व्याप्त संगठनात्मक असंतोष खुलकर सामने आया है। जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर के सचिव सतीश कुमार चंदेल ने अपने पद से इस्तीफा देकर पार्टी नेतृत्व को बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। अपने त्यागपत्र में उन्होंने साफ शब्दों में लिखा है कि अब...
बिलासपुर (बंशीधर): जिला कांग्रेस में व्याप्त संगठनात्मक असंतोष खुलकर सामने आया है। जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर के सचिव सतीश कुमार चंदेल ने अपने पद से इस्तीफा देकर पार्टी नेतृत्व को बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। अपने त्यागपत्र में उन्होंने साफ शब्दों में लिखा है कि अब संगठन में उनके जैसे कर्मठ कार्यकर्त्ताओं की आवश्यकता नहीं रह गई है। सतीश चंदेल के त्यागपत्र के राजनीतिक हलकों में कई प्रकार के कयास लगाए जा रहे हैं। अभी कुछ दिन पहले ही जिला कांग्रेस कमेटी का गठन हुआ था, ऐसे में जिला कांग्रेस सचिव पद से दिए गए त्यागपत्र के कई मायने निकाले जा रहे हैं।
सतीश चंदेल इससे पहले झंडूता कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। करीब 31 वर्षों से कांग्रेस की सेवा कर रहे सतीश चंदेल का यह कदम बिलासपुर कांग्रेस की आंतरिक राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक जानकार इसे केवल एक इस्तीफा नहीं, बल्कि संगठन के भीतर कार्यकर्त्ताओं की उपेक्षा और बढ़ती नाराजगी का संकेत मान रहे हैं। चंदेल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार को भेजे त्यागपत्र में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर के सचिव पद से त्यागपत्र देने की घोषणा की है।
यह इस्तीफा केवल एक पद छोड़ने का मामला नहीं, बल्कि कांग्रेस संगठन के भीतर चल रही खींचतान और कार्यकर्त्ताओं की नाराजगी का सार्वजनिक संकेत माना जा रहा है। वहीं, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजना धीमान ने कहा कि सतीश चंदेल पुराने व निष्ठावान कार्यकर्त्ता हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण इस्तीफा दिया है। पार्टी ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
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