Edited By Vijay, Updated: 12 Sep, 2026 07:17 PM

जिला मंडी के कोटली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सेहली गांव से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक ही घर के दो चिराग 9 वर्षीय काव्या और उसके 6 वर्षीय छोटे भाई नक्ष की सर्पदंश से अकाल मृत्यु हो गई।
मंडी (रजनीश): जिला मंडी के कोटली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सेहली गांव से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक ही घर के दो चिराग 9 वर्षीय काव्या और उसके 6 वर्षीय छोटे भाई नक्ष की सर्पदंश से अकाल मृत्यु हो गई। इस हृदयविदारक हादसे के बाद सेहली गांव सहित पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। घटना की जानकारी के अनुसार शुक्रवार देर शाम दोनों भाई-बहन रोज की तरह घर लौटे थे। परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर उन्होंने खाना खाया और शाम के समय घर में ही हंसी-खुशी खेलते रहे।
पहले बहन को फिर भाई को उठा पेट में तेज दर्द
रात को पूरा परिवार एक साथ था और करीब 9.30 बजे दोनों बच्चे सोने के लिए अपने कमरे में चले गए। शनिवार की तड़के करीब 2.30 बजे अचानक 9 वर्षीय काव्या की नींद खुली और उसने पेट में तेज दर्द होने की शिकायत की। परिजन अभी काव्या को संभालने का प्रयास कर ही रहे थे कि कुछ ही देर में 6 वर्षीय नक्ष ने भी पेट में अत्यधिक दर्द की बात कही। शुरुआती पलों में परिजनों ने इसे कोई सामान्य शारीरिक परेशानी या पेट की खराबी समझकर घरेलू स्तर पर राहत देने की कोशिश की, लेकिन बच्चों की हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
दरवाजे के पास दिखा काला सांप, तब हुआ अनहोनी का अहसास
जैसे-जैसे समय बीता, दोनों बच्चों की तबीयत अत्यधिक गंभीर होने लगी। इसी दौरान परिजनों की नजर घर के मुख्य दरवाजे के पास रेंग रहे एक बड़े काले सांप पर पड़ी। सांप को देखते ही परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई और उन्हें तुरंत बच्चों को सांप द्वारा डसे जाने की आशंका हुई। परिजन बिना एक पल गंवाए दोनों मासूमों को आनन-फानन में जोनल अस्पताल मंडी लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के दौरान बच्चों की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत उच्च चिकित्सा केंद्र, लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल नेरचौक के लिए रेफर कर दिया।
मेडिकल कॉलेज पहुंचने से पहले ही थम चुकी थीं सांसें
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक 12 सितम्बर की सुबह करीब 7.26 बजे नेरचौक मेडिकल कॉलेज से पुलिस को सूचना प्राप्त हुई। परिजनों जब बच्चों को लेकर नेरचौक अस्पताल पहुंचे, तो वहां तैनात आपातकालीन डॉक्टर ने स्वास्थ्य जांच के बाद दोनों मासूमों को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही दोनों भाई-बहन दम तोड़ चुके थे।
पोस्टमार्टम में हुई सर्पदंश की पुष्टि
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। शवों के पोस्टमार्टम के बाद डाक्टर ने स्पष्ट किया कि दोनों बच्चों की मौत शरीर में सांप के विष के तेजी से फैलने के कारण हुई है। विसरा एवं जांच के लिए आवश्यक कानूनी नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। एसपी मंडी विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर कानूनी व आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद दोनों बच्चों के शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।
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