'काम नहीं करना तो क्या सिर्फ तनख्वाह खाने आते हैं', मंडी में अधिकारियों पर जमकर बरसीं सांसद कंगना रनौत

Edited By Vijay, Updated: 05 Sep, 2026 03:29 PM

mp kangana ranaut

मंडी जिला प्रशासन के डीआरडीए हॉल में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद कंगना रनौत का बेहद तल्ख और आक्रामक रूप देखने को मिला।

मंडी (रजनीश हिमालयन): मंडी जिला प्रशासन के डीआरडीए हॉल में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद कंगना रनौत का बेहद तल्ख और आक्रामक रूप देखने को मिला। विकास योजनाओं में लगातार हो रही देरी और केंद्र से स्वीकृत सांसद निधि का बजट धरातल पर खर्च न होने से नाराज सांसद ने विभागीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि एक सांसद का काम केंद्र से बजट लाना होता है, जो वह कर रही हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन की ढिलाई के कारण जनता के काम लटके हुए हैं।

11 करोड़ के बजट में से 50 लाख भी ठीक से खर्च नहीं
बैठक के दौरान जब विकास कार्यों की समीक्षा रिपोर्ट और आंकड़े प्रस्तुत किए गए, तो सांसद का पारा चढ़ गया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और मंत्रालयों से 11 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत करवाया गया है। मार्च-अप्रैल तक के आंकड़ों के मुताबिक इसमें से मंडी क्षेत्र के लिए आवंटित करीब 5.5 करोड़ रुपए में से 50 से 60 लाख रुपए भी सही तरीके से इस्तेमाल नहीं हो पाए हैं। अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कंगना ने कहा कि काम एक भी नहीं हुआ! इतनी निठल्ली और निकृष्ट कार्यशैली है। मैं मीडिया के सामने क्या जवाब दूं? क्या ये लोग यहां सिर्फ तनख्वाह खाने आते हैं?

एक दिन का दफ्तर मिले तो काम करके दिखा दूंगी
विभिन्न विभागों द्वारा पिछले दो वर्षों में महज 40 से 50 प्रतिशत काम पूरा करने की रिपोर्ट पर सांसद ने अधिकारियों को खुली चुनौती दे डाली। उन्होंने कहा कि इतने सारे लोग यहां बैठे हैं, अगर मुझे आप लोगों का ऑफिस एक-एक दिन के लिए मिल जाए तो मैं एक दिन में काम करके दिखा दूंगी।

जग-हंसाई पर दफ्तरों में बैठकर हंसते हैं अधिकारी
कंगना रनौत ने अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब क्षेत्र में विकास कार्य न होने के कारण सोशल मीडिया पर उन पर रील्स बनती हैं या उनकी आलोचना होती है, तो अधिकारी अपने कार्यालयों में बैठकर हंसते हैं। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि अगर वह अधिकारियों की वर्क कल्चर की पोल पूरे देश के सामने खोल दें, तो प्रदेश की भारी बदनामी होगी और सब पर इसका नकारात्मक असर पड़ेगा।

पैसा रोके बैठे विभागों से रिकवरी के सख्त निर्देश
बैठक के अंत में सांसद ने स्पष्ट किया कि अब केवल कागजी जुमलों और पत्राचार से काम नहीं चलेगा। जब तक काम धरातल पर पूरा नहीं होता, उसे पूरा नहीं माना जाएगा। उन्होंने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि सुस्त और लचर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों व विभागों को चिन्हित कर उनके नाम दर्ज किए जाएं। साथ ही, जो विभाग बिना काम किए पैसा रोक कर बैठे हैं या अनुमति न मिलने पर भी पैसा वापस नहीं कर रहे हैं, उन पर दबाव बनाकर जनता का पैसा तुरंत रिकवर किया जाए।

 

हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें 

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!