Shimla: देव आदेश का हवाला देकर किन्नर कैलाश यात्रा पर रोक की मांग

Edited By Kuldeep, Updated: 27 Jun, 2026 09:49 PM

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जनजातीय जिला किन्नौर में 1 जुलाई से प्रस्तावित किन्नर कैलाश यात्रा को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।

रिकांगपिओ (रिपन): जनजातीय जिला किन्नौर में 1 जुलाई से प्रस्तावित किन्नर कैलाश यात्रा को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। शनिवार को देव समाज टुकपा खुनाडंग के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री, राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री तथा जिला प्रशासन को संबोधित ज्ञापन उपायुक्त किन्नौर के माध्यम से सौंपकर यात्रा पर पुनर्विचार करने और स्थानीय देव समाजों के साथ औपचारिक चर्चा के बाद ही आगे की कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि 6 जून, 2026 को देव सभा समिति और राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी के बीच किन्नर कैलाश यात्रा को लेकर बैठक हुई थी। देव समाज का दावा है कि स्थानीय परंपराओं के अनुसार किन्नर कैलाश क्षेत्र में प्रवेश से पूर्व देव आदेश लिया जाता है और इस बार विभिन्न गांवों के देवी-देवताओं की ओर से यात्रा संचालन को लेकर आपत्ति जताई गई है। देव समाज का कहना है कि किन्नौर की धार्मिक परंपराएं, प्रकृति संरक्षण तथा सामाजिक व्यवस्था सदियों से देव संस्कृति के अनुरूप संचालित होती रही हैं।

देव समाज एवं टुकपा खुनाडंग के पत्राचार एवं संदेश प्रमुख परमेश्वर सिंह नेगी ने बताया कि टुकपा खुनाडंग के अंतर्गत आने वाले 14 देव समाजों के प्रतिनिधियों, जिनमें छितकुल, रकछम, सांगला, कामरू, मेंबर, बारंग, तांगलिंग, पोवारी, रिब्बा, रिस्पा, स्कीबा, ठंगी, कुन्नू और चारंग के प्रतिनिधि शामिल थे। उन्होंने बताया कि पर्वत, जल स्रोत, वन क्षेत्र और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण की परंपरा भी देव व्यवस्था से जुड़ी रही है तथा वर्तमान यात्रा व्यवस्था के दौरान इन धार्मिक परंपराओं और स्थानीय रीति-रिवाजों की अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि देव आदेश के अनुसार किन्नर कैलाश क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों से धार्मिक एवं प्राकृतिक संतुलन प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने कहा कि पूर्व में भी प्रशासन को इस संबंध में अवगत करवाया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। देव समाज ने चेतावनी दी है कि यदि स्थानीय परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं की अनदेखी कर यात्रा शुरू की जाती है तो संवैधानिक दायरे में रहकर विरोध दर्ज करवाया जाएगा। इस अवसर पर सापनी जिला परिषद सदस्य नरेंद्र नेगी, विश्व हिंदू परिषद के प्रांत सह मंत्री राधाकृष्ण नेगी तथा महिला मंडल तांगलिंग की प्रतिनिधि भी उपस्थित रहीं।

यह हैं मुख्य मांगें
देव समाज प्रतिनिधियों ने प्रशासन के समक्ष देव आदेश के आधार पर किन्नर कैलाश यात्रा पर रोक लगाने, यात्रा के दौरान किसी अप्रिय घटना की स्थिति में प्रशासन एवं आयोजन समिति की जिम्मेदारी तय करने, देव आदेशों का सम्मान सुनिश्चित करने, धार्मिक परंपराओं एवं प्रकृति संरक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं को सुरक्षित रखने तथा यात्रा शुरू होने से पहले संबंधित गांवों और देव समाज संस्थाओं के साथ औपचारिक बैठक आयोजित करने की मांग की है।

 

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