Edited By Kuldeep, Updated: 25 Jul, 2026 09:10 PM

नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर शनिवार को शिमला में कांग्रेस, माकपा (सीपीआईएम) और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से सर्वदलीय कैंडल मार्च निकाला गया।
शिमला (राक्टा): नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर शनिवार को शिमला में कांग्रेस, माकपा (सीपीआईएम) और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से सर्वदलीय कैंडल मार्च निकाला गया। मार्च का नेतृत्व मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किया। इंदिरा गांधी राज्य खेल परिसर से शुरू हुआ कैंडल मार्च स्कैंडल प्वाइंट होते हुए रिज स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा तक पहुंचा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को संविधान की प्रस्तावना की शपथ भी दिलाई।
पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि यह मार्च जंतर-मंतर पर अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे छात्रों के समर्थन में निकाला गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता न्याय की इस लड़ाई में युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी छात्रों के न्याय की आवाज बने हैं और उन्होंने युवाओं की लड़ाई को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाया है।
उन्होंने कहा कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री पहले ही इस्तीफा दे देते तो इतना बड़ा विवाद खड़ा नहीं होता। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने नीट परीक्षा विवाद के कारण आत्महत्या करने वाले युवाओं के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा देने की मांग भी उठाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां-जहां भाजपा की सरकारें हैं, वहां पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल में पिछली भाजपा सरकार के दौरान पुलिस भर्ती और अन्य भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए थे। कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को भंग कर राज्य चयन आयोग का गठन किया और दोषियों को जेल भेजा। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, विधायक कुलदीप राठौर और संजय रतन, कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार, महासचिव विनोद जिंटा, पूर्व विधायक राकेश सिंघा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, पार्षद, कांग्रेस तथा सी.पी.आई.एम. के नेताओं सहित बड़ी संख्या में छात्रावास स्थानीय लोग भी कैंडल मार्च में शामिल हुए।
पेपर लीक के दाग नहीं धुले : विनय
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को देर से उठाया गया कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस्तीफा देने से नीट पेपर लीक के दाग नहीं धुल सकते। उन्होंने मांग की कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले सभी दोषियों को जेल भेजा जाए।
युवाओं और छात्रों की बड़ी जीत : कुलदीप
विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को युवाओं और छात्रों की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग पूरी तरह जायज थी और राहुल गांधी सहित कांग्रेस नेतृत्व ने उनकी आवाज को मजबूती से उठाया, जिसके चलते केंद्र सरकार को झुकना पड़ा।
युवाओं ने अपनी लड़ाई खुद जीती : विक्रमादित्य
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि देशभर के युवाओं ने अपनी लड़ाई लड़ी और जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए अभी आगे भी निर्णायक लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि 'अभी पहली विकेट गिरी है।