Edited By Kuldeep, Updated: 22 Jul, 2026 09:26 PM

मंडी जिले में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) की भूमि पर हुए अवैध कब्जे और उसके कारण पैदा हुए भूस्खलन के खतरे पर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है।
शिमला (मनोहर): मंडी जिले में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) की भूमि पर हुए अवैध कब्जे और उसके कारण पैदा हुए भूस्खलन के खतरे पर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन सी. नेगी की खंडपीठ ने ममता देवी द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मंडी के उपायुक्त को तुरंत मौके का मुआयना कराने के आदेश जारी किए हैं। यह विवाद मंडी जिले की बल्ह तहसील के मोहाल कांगरू क्षेत्र का है।
याचिकाकर्त्ता के अनुसार कुछ निजी पक्षों ने इस क्षेत्र में बीबीएमबी की बेशकीमती सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। नहर के ऊंचे किनारों पर किए गए इस अतिक्रमण के कारण क्षेत्र में लगातार भूस्खलन हो रहे हैं। इससे नहर के बिल्कुल नजदीक बने कई स्थानीय ग्रामीणों के आशियाने गंभीर खतरे की जद में आ गए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने डिप्टी कमिश्नर मंडी को विशेष निर्देश जारी किए हैं। आदेश के तहत डीसी मंडी को तुरंत एक जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी को विवादित स्थल पर भेजना होगा। यह अधिकारी मौके पर जाकर जमीन पर हुए अवैध कब्जे और भूस्खलन की जमीनी स्थिति की बारीकी से जांच करेगा और अपनी विस्तृत निरीक्षण रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करेगा। अदालत ने कथित तौर पर अवैध कब्जा करने वाले आरोपियों को भी एक हफ्ते के भीतर नोटिस तामील करने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट अब इस जनहित याचिका पर 2 सितम्बर को अगली सुनवाई करेगा।